तकनीकी आधार भी प्रस्ताव में शामिल करने के लिए कहा गया है
भोपाल। पिछले 19 साल से मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम की बसें बंद पड़ी हुई हैं। बंद परिवहन निगम को एक बार फिर शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा परिवहन विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रस्ताव तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया है। उसके अनुसार जिस मार्ग पर बसें चलना है,उसकी जानकारी, एक जिले से दूसरे जिले और एक राज्य से दूसरे राज्य की बस सर्विस, सरकारी बसों को अत्याधुनिक बनाने, पीपीपी मोड में बसें चलाने, निगम के बस स्टैंड का उपयोग, बस स्टैंड का कमर्शियल उपयोग, महाराष्ट्र के सड़क परिवहन निगम की बसों को चलाने के मॉडल की विस्तृत जानकारी का प्रस्ताव तैयार करने कहा गया है।
2005 में जब परिवहन निगम को बंद किया गया था। उसका गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ था। जिसके कारण केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी नहीं हुई थी। उसका तकनीकी आधार भी प्रस्ताव में शामिल करने के लिए कहा गया है।
जब मध्य प्रदेश परिवहन निगम को बंद किया गया था। उसके पास 700 से ज्यादा बसें थी। लगभग 11500 कर्मचारी काम कर रहे थे। उस समय निगम के पास लगभग 50,000 करोड रुपए की संपत्ति थी। इसमें से बहुत सारी संपत्ति को सरकार ने बेच दिया है। मध्य प्रदेश में अभी भी मध्य प्रदेश परिवहन निगम के 167 कर्मचारी भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर इत्यादि में काम कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य विभागों में भी 140 कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए हैं।
छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में नहीं है बस सेवा
अभी जो बसें संचालित हो रही हैं। वह सभी प्राइवेट बसें हैं। यह छोटे जिलों और ग्रामीण अंचलों में अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण ग्रामीण अंचलों से परिवहन सुविधा नहीं होने से लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। निजी बस संचालक उन्ही मार्गों पर अपनी बसें चलाते हैं। जहां से उन्हें अच्छी आय होती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव मध्य प्रदेश में परिवहन सेवा को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। जिसके कारण बंद परिवहन निगम की सेवाएं एक बार पुन शुरू होंगी।
