
भिंड | द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संजीव सिंघल की कोर्ट ने तीन लोगों की हत्या के मामले में फैसला दिया है। इसमें दो सगे भाइयों समेत कुल चार लोगों को दोषी माना है। कोर्ट ने इन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, अलग-अलग अर्थदंड से भी दंडित किया है।
मीडिया सेल प्रभारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि यह वारदात 19 अक्टूबर 2017 को अंजाम दी गई थी। ग्राम चिलौंगा निवासी फरियादी उपेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हमारी रंजिश परिवार के चाचा व ताऊ के लड़के अजयपाल, वीरपाल, देवेन्द्र से चल रही थी। रंजिश का कारण खेत की मेड़ को तोड़ने व निकलने के ऊपर था। इसी बात पर 18 अक्टूबर 2017 की रात हम लोगों में वाद विवाद हुआ था। इसमें छोटू भदौरिया व छोटे भदौरिया ने कट्टे से गांव में फायर किये थे। 19 अक्टूबर 2017 को सुबह फिर विवाद हो गया। दोनों पक्षों में हाथापाई होकर थाने में गये थे। रिपोर्ट करके वापस बाइक से लौ
रहे थे। रास्ते में जब बिजौरा की पुलिया के पास पहुंचे, तभी आरोपियों ने घेर लिया और फायरिंग कर दी। इसमें सुरेश सिंह, बृजेश सिंह व देवेश की मौत हो गई थी। उपेंद्र सिंह घायल थे। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और दहशत फैल गई थी। न्यायालय ने प्रकरण में आरोपी देवेन्द्र उर्फ मुल्ला भदौरिया, छोटू भदौरिया पुत्र देवेन्द्र सिंह, अजयपाल सिंह पुत्र राजू भदौरिया और छोटे पुत्र राजू सिंह भदौरिया को दोषी माना है। कोर्ट ने इन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय में प्रकरण संचालन विशेष लोक अभियोजक प्रज्ञादीप राहल ने किया।
