
जबलपुर। सीबीआई की स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मृणालिनी सिंह की अदालत ने 23 वर्ष पुराने प्रकरण में सभी सात आरोपितों को बरी कर दिया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत 45 गवाहों के बयानों और 440 दस्तावेजों पर गौर करने के बाद दोषमुक्ति का आदेश पारित किया। कटनी निवासी आरोपित उमेश बहादुर सिंह सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता अशोक तिवारी, आरके परोहा, राजीव बड़कुल व सत्येंद्र पटेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सीबीआई ने 1999 में एक शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के अंतर्गत आरोपित बनाया था। 2001 से सीबीआई कोर्ट में मुकदमा चलाया गया। लेकिन सीबीआई अपना केस प्रूफ नहीं कर पाई है। आरोपित उमेश बहादुर मूलत: बनारस का निवासी है, जो कटनी में काेयले का व्यापार करता था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि एसईसीएल से आने वाले कोयले के पैकेट बनाने के अनुबंध के प्रकरण में गड़बड़ी की गई।
