गाजियाबाद। उप्र में आर्थिक रूप से संपन्न और आयकर जमा करने वाले भी राशन कार्ड का फायदा उठा रहे थे। ऐसे हजारों लोगों के राज्य सरकार ने राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। अपात्र होते हुए भी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन का लाभ ले रहे लोगों की सूची शासन स्तर से जारी की गई है। इसके बाद जिला स्तर पर सत्यापन कर अपात्रों का नाम लाभार्थियों की सूची से हटाया जा रहा है। उनके नाम पर बने राशन कार्ड को निरस्त किया जा रहा है। सितंबर माह में अपात्रों का नाम काटने के अभियान में तेजी लाई जाएगी।
शहरी क्षेत्र में रहने वाले जिस परिवार की आय तीन लाख रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले परिवार की आय दो लाख रुपये से कम है, उसको ही योजना का लाभ मिलता है। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक को दस्तावेजों को जिला पूर्ति विभाग के कार्यालय में जाकर जमा करना पड़ता है। इसके बाद आवेदक का सत्यापन किया जाता है। जिले में 4,65,436 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें से 25 हजार लोग ऐसे हैं, जो कि आयकर दाता हैं। इसकी सूची शासन स्तर से जारी की गई है। जबकि राशन कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया है, जिसमें आय प्रमाण पत्र भी मांगा जाता है। अब तक 20 प्रतिशत के राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। सत्यापन के कार्य में तेजी लाकर सितंबर माह में सत्यापन के बाद शेष अपात्रों का नाम भी लाभार्थियों की सूची से हटाकर उनके राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे। उनके स्थान पर पात्रों के राशन कार्ड बनवाए जाएंगे। सत्यापन में लापरवाही के कारण ही अपात्रों ने राशन कार्ड बनवा लिए थे। अब ऐसे राशन कार्ड धारकों का नाम लाभार्थियों की सूची से हटाया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि अब तक चिह्नित अपात्रों का राशन कार्ड निरस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
