24 खंडपीठें करेगी प्रकरणों का निराकरण

दमोह : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनंद कुमार तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में जिला दमोह एवं तहसील न्यायालय हटा, पथरिया व तेंदूखेड़ा में आज 14 दिसम्बर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। जिसमें न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दांडिक, सिविल, चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामले, विद्युत से संबंधित प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामा के आधार पर निराकरण किया जायेगा। साथ ही नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बैंक ऋण वसूली, बी.एस.एन.एल., विद्युत की बकाया वसूली एवं नगर पालिका से संबंधित प्रिं-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया जायेगा।
जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धर्मेश भट्ट द्वारा बताया गया कि उक्त नेशनल लोक अदालत में सफल आयोजन हेतु प्रधान जिला न्यायाधीश के द्वारा जिला मुख्यालय दमोह एवं तहसील हटा, पथरिया व तेंदूखेड़ा हेतु कुल 24 खण्डपीठों का गठन किया गया है, जो पक्षकारों को सुलह, समझाईश से प्रकरण का निराकरण कराये जाने का प्रयास करेगी।
उक्त नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 126 एवं 135 के अंतर्गत निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 05 किलोवॉट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रीलिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत छूट एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। आज 14 दिसम्बर को आयोजित होने वाली लोक अदालत में उपरोक्तानुसार दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्व राशि 50 हजार रूपये तक के प्रकरणों के लिये सीमित रहेगी।
नेशनल लोक अदालत हेतु नगरीय विकास विभाग द्वारा जलकर, सम्पत्ति कर के प्रकरणों में छूट प्रदान किये जाने के संबंध में आदेश जारी किये है, जिसके अनुसार सम्पत्ति कर एवं अधिभार की बकाया राशि 50 हजार रूपये, 50 हजार से 1 लाख रूपये एवं 1 लाख से अधिक होने पर अधिभार में क्रमशः 100 प्रतिशत, 50 प्रतिशत एवं 25 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। साथ ही जलकर के मामलों में जलकर एवं अधिभार की बकाया राशि 10 हजार रूपये तक, 10 हजार से 50 हजार एवं 50 हजार से अधिक होने पर अधिभार में क्रमशः 100 प्रतिशत, 75 प्रतिशत एवं 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी । उक्त छूट मात्र एक बार ही प्राप्त हो सकेगी एवं वर्ष 2023-24 तक की बकाया राशि पर ही देय होगी। छूट उपरांत राशि अधिकतम दो किश्तों में जमा करनी होगी तथा 50 प्रतिशत राशि नेशनल लोक अदालत के दिन जमा करना अनिवार्य होगी। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत में बैंकों एवं बी.एस.एन.एल. द्वारा वसूली से संबंधित प्रि-लिटिगेशन प्रकरणों में नियमानुसार छूट प्रदान की जा रही है।
जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया द्वारा समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से आग्रह किया गया है कि वे नेशनल लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में प्रकरणों का निराकरण कराये तथा विद्युत विभाग, बैंक, बीएसएनएल, नगरपालिका द्वारा दी जा रही छूट का लाभ प्राप्त करें।
