
इन्दौर। मूलतः खरगोन जिले के निवासी और विगत दो सालों से इंदौर में पदस्थ डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने घर में ही फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि तबीयत का हवाला देते वे आज होने वाली विभाग की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे और उन्होंने अपने असिस्टेंट से कुछ दवाईयां भी मंगाई थी। सूचना के बाद पलासिया थाना पुलिस उनके नवरतन बाग स्थित सरकारी बंगले पर पहुंची और मर्ग कायम कर उनके शव को पोस्टमार्टम हेतु भिजवा दिया है। वहीं वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। एडिशनल सीपी अमित सिंह के अनुसार डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी ने शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुसाइड करने की वजह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस को कोई सुसाइड नोट भी फिलहाल नहीं मिला है।पारिवारिक विवाद की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी अनुसार डीएफओ सोलंकी इंदौर में माता-पिता और पत्नी के साथ विभाग के सरकारी बंगले में रहते थे। और सात माह बाद रिटायर होने वाले थे। उनकी पत्नी शिक्षा विभाग में कार्यरत थी। कुछ महीने पहले ही वह रिटायर हुई है। वह कल ही खरगोन गई थी। सोलंकी का एक बेटा और एक बेटी है। घटना के बारे में प्राप्त जानकारी अनुसार डीएफओ करीब 12.30 बजे घर के ऊपर अपने कमरे में आराम करने गए थे। इसके बाद से नीचे नहीं आए। उनके बुजुर्ग माता-पिता घर पर मौजूद थे। उन्होंने नौकर को बोला तो उसने जाकर कमरे में आवाज लगाई। कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलने से वह वापस नीचे आ गया। उसे सोचा वो सोए हुए हैं। कुछ देर बाद जाकर उसने वापस देखा तो उसे शक हुआ। जिसके बाद दरवाजा तोड़ा तो डीएफओ का शव फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में जांच कार्रवाई शुरू कर दी है।
