नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने यूपी जेल विभाग के प्रमुख सचिव को झूठे हलफनामे अवमानना नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख सचिव से पूछा है कि प्रमुख सचिव के मार्फ़त दाखिल झूठे हलफनामे के लिए उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए? साथ ही यूपी सरकार के मुख्य सचिव को भी इस मामले मे अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस अभय एस ओक की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि पिछले तीन बार से सचिव झूठ बोल रहे हैं। हमने सोचा था कि प्रमुख सचिव इस बार सही जानकारी देंगे लेकिन उनके जवाब मे विरोधाभास है। अब हम सब कुछ देखेंगे।
कोर्ट ने सुनवाई मे मौजूद सचिव से कहा आपको कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा क्योंकि आपने अदालत की अवमानना की है कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यूपी जेल विभाग के प्रमुख सचिव श्री राकेश कुमार सिंह के हलफनामे और पूर्व के हलफनामों में विरोधाभास है।इसलिए प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उसने झूठा हलफनामा दायर किया है।
हम अधिकारी को नोटिस जारी करते हैं कि झूठा हलफनामा दाखिल करने के लिए उसके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
कोर्ट ने कहा भले ही आपका ट्रांसफ़र हो गया हो लेकिन हम आपके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई करेंगे। कोर्ट ने य़ह बात तब कहीं जब यूपी के पेश एएजी ने बताया कि यूपी जेल प्रशासन और सुधार के प्रधान सचिव तबादला कर दिया गया है और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

