
झाबुआ। महिला संबंधी अपराधों एवं शिकायतों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। साथ ही गुम नाबालिकों की पतारसी व दस्तयाब कर प्राप्त साक्ष्य के आधार पर वैधानिक कार्यवाही की जाए। उक्त निर्देश जिला पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा गुरूवार को कंट्रोल रूम झाबुआ पर ली गई वार्षिक समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों को दिए गए। बैठक में वर्ष भर के अपराध व शिकायतों की भी समीक्षा की गई, एवं लंबित अपराधों एवं शिकायतों की समीक्षा करते हुए त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से सभी एसडीओपी, थाना एवं चौकी प्रभारियों से सभी लंबित मामलों पर चर्चा कर समाधान निकालने हेतु महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिये गए। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमलाल कुर्वे, होमगार्ड कमांडेंट शशिधर पिल्लई, एसडीओपी झाबुआ श्रीमती रूपरेखा यादव, एसडीओपी पेटलावद, सौरभ तोमर, एसडीओपी थांदला, रविंद्र राठी, रक्षित निरीक्षक झाबुआ, अखिलेश राय सहित समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
उक्त समीक्षा बैठक में एसपी ने राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन सीएम हेल्पलाईन से संबंधित शिकायतों की स्वयं समीक्षा करते हुए शिकायतकर्ता से विनम्रता पूर्वक चर्चा कर एवं उनकी जो भी शिकायत है उनपर वैधानिक कार्यवाही करते हुए शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित रूप से संतुष्टीप्रद समाधान निकालने हेतु यथोचित प्रयास करें। असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाए जाने के परिप्रेक्ष्य में एसपी ने पुलिस अधिकारियों को थाना क्षेत्र के बदमाशों पर सतत निगाह रखते हुए उनकी सक्रियता पाए जाने पर विधिवत् प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने एवं असामाजिक गतिविधियों जैसे अवैध आर्म्स, जुआ-सट्टा में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अभियान चलाकर वैधानिक कार्यवाही कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के सख्त निर्देश दिए, साथ ही जिले में बाहर से आने वाले लोगो की जानकारी एकत्रित करने व संदिग्ध पाए जाने पर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए एवं किरायेदार, किराए की दुकानों आदि के वेरिफिकेशन करने के निर्देश भी दिए गए।समीक्षा बैठक में जिले में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए ताकि आमजन को आवाजाही में परेशानी न हो।
महिला संबंधी अपराधों की समीक्षा के दौरान एसपी द्वारा महिला संबंधी अपराधों एवं शिकायतों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के कड़े निर्देश दिए गए। जिले में लंबित समंस एवं वारंटों एवं सीएम हेल्पलाईन शिकायतों की समीक्षा की गई। साथ ही गुम नाबालिकों की पतारसी व दस्तयाब कर प्राप्त साक्ष्य के आधार पर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उक्त समीक्षा बैठक के पश्चात पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन पर नए साल के लक्ष्य व कार्य योजना हेतु पत्रकारों से भी चर्चा की गई। चर्चा के दौरान एसपी ने पत्रकारों को बताया कि होमगार्ड सैनिक गोपाल मंडोड द्वारा अपने पुत्र की वाहन दुर्घटना में हेलमेट न लगाने से मृत्यु के पश्चात अपने वेतन से 20 होमगार्ड जवानों को हेलमेट वितरित किए, उनके इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए एसपी ने कहा कि इतने दुख व वेदना में रहते हुए मंडोड ने समाज को हेलमेट के महत्व के प्रति जागरूक किया उनका यह कार्य पुलिस विभाग के लिए प्रेरणास्रोत है, हमे भार समझकर नहीं बल्कि अपनी जान की सुरक्षा के लिए हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा होमगार्ड सैनिक गोपाल मंडोड को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया।
पत्रकारों से चर्चा में पुलिस अधीक्षक द्वारा रक्षा सखी टीम व झाबुआ पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए बताया कि विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम व झाबुआ पुलिस द्वारा मेहनत व लगन से कार्य करने के परिणाम स्वरूप पिछले वर्ष की तुलना में महिला संबंधी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों में कमी देखने को मिली है।
साथ ही गुम बालक बालिकाओं को 99 प्रतिशत बरामद कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया एवं विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के कारण दुर्घटनाओं में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
