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बोरवेल में गिरे 9 साल के बच्चे की मौत, जिंदगी की जंग हार गया
गुना l जिले में 15 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 9 वर्षीय सुमित मीना को बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की राघौगढ़ तहसील के पिपलिया गांव में शनिवार शाम 39 फीट गहरे बोरवेल में गिरे सुमित मीना को एनडीआरएफ की टीम ने रातभर चले अभियान के बाद रविवार सुबह बाहर निकाला। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, बोरवेल में लंबे समय तक फंसे रहने और ठंड के कारण उसके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।
सुमित शनिवार शाम करीब 6:30 बजे खेलते हुए खेत में एक खुले बोरवेल में गिर गया। परिजनों ने पहले खुद उसे ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब बोरवेल से उसकी आवाज सुनाई दी, तो तुरंत प्रशासन को सूचित किया गया।
एनडीआरएफ की टीम ने सूचना मिलते ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अभियान में दो जेसीबी मशीनों, ऑक्सीजन सिलेंडर, और सुरंग बनाने के उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। टीम ने 45 फीट गहरी खुदाई और 10 फीट लंबी सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की। इस दौरान बच्चे को ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई।
कलेक्टर डॉ. सत्येंद्र सिंह और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह घटनास्थल पर मौजूद रहे और अभियान की निगरानी की। स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर बच्चा बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया।
लापरवाही बनी हादसे की वजह
यह बोरवेल एक साल पहले खुदवाया गया था, लेकिन इसे ठीक से बंद नहीं किया गया था। घटना के बाद प्रशासन ने बोरवेल मालिक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
चेतावनी और जिम्मेदारी
इस हादसे ने एक बार फिर दिखाया कि खुले बोरवेल कितने खतरनाक हो सकते हैं। प्रशासन और नागरिकों को मिलकर ऐसी लापरवाहियों को रोकने के ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
सुमित की मौत ने पूरे गांव और उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोगों ने इस दुखद घटना से सीख लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की अपील की है।

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