
प्रेमिका से अवैध संबंध के शक पर दोस्त ने ही दिया बारदात को अंजाम, डंडे व गुप्ती से हमला कर उतारा मौत के घाट
अशोकनगर। शहर में बीती 1 जनवरी को हुए फोटोग्राफर की हत्या के मामले में पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के एक दोस्त को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उसकी प्रेमिका के साथ अवैध संबंध के शक पर फोटोग्राफर को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी उसे सुनसान इलाके में ले गया और वहां जाकर लाठी से पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। जिसके बाद घसीट कर रेलवे ट्रैक के किनारे डेड बॉडी फेंक दी और मृतक की बाइक मोबाइल फोन लेकर भाग निकला था।
रविवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर एवं देहात थाना प्रभारी रवि प्रताप चौहान ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बताया कि घटना दिनांक की रात को मृतक फोटोग्राफर अंकित नरवरिया को आरोपी आशीष सोनी झांसा देकर उसी की बाइक से विदिशा रोड क्षेत्र में ले गया। उधर कुछ लोग पहचान के मिले तो आरोपी बोला कि मुझे अंकित से अकेले में बात करना है जिसके बाद दोनों कुछ आगे चले गए। आरोपी के पास नकली पिस्तौल थी जिससे उसने डराने का प्रयोग किया, इसी दौरान आरोपी आशीष सोनी ने अपने दोस्त अंकित नरवरिया में लाठी मार दी, जिसके कारण से उसकी मौत हो गई।
सीसीटीवी में दोनों एक साथ आये थे नजर:
घटना की सूचना अगली सुबह पुलिस को मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद सोशल मीडिया के माध्यम से मृतक की शिनाख्त हो गई। जिसके बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टि हत्या मानते हुए हत्या का प्रकरण दर्ज किया। साथ ही मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसके बाद पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन शुरू की। देर रात सेन तिराहे से मृतक एवं आरोपी दोनों एक ही बाइक से निकलते हुए दिखाई दिए थे, इसके बाद पुलिस ने आरोपी आशीष सोनी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।
मामले को घुमाने पुलिस को बताई झूठी कहानी:
आरोपी से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि मैं और अंकित दोनों रेलवे ट्रैक के पास थे तभी अज्ञात नकाबपोश आए और आकर उन्होंने अंकित की मारपीट शुरू कर दी, वह जान बचाकर भाग निकला। हालांकि वह घटना पुलिस को सच नहीं लगी। पुलिस ने जब शक्ति से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।
लड़की बनी हत्या करने का कारण:
आरोपी आशीष सोनी की गर्लफ्रेंड थी। आरोपी को लगा की अंकित से उसकी गर्लफ्रेंड की दोस्ती हो रही है। इस बात से आरोपी नाराज था। अंकित को आरोपी झांसा देकर अपने साथ ले गया था। हालांकि शुरुआत में उसका उद्देश्य डराने धमकाने का था। परंतु घटनास्थल पर एक के बाद एक कई लाठियां मारी, जिसके कारण से उसकी मौत हो गई।
दोस्त के पास मोबाइल रखा गुना और भोपाल घूमा:
घटना के बाद आरोपी ने उसके दोस्त को दो मोबाइल फोन दिए। उसने कहा कि यह दोनों मोबाइल फोन मेरे हैं, मैं बाहर जा रहा हूं। इसके बाद आरोपी मृतक की बाइक को लेकर गुना गया और वहां जाकर पीजी कॉलेज में बाइक रख दी। जिसके बाद वहां से बस से भोपाल पहुंचा और भोपाल से ट्रेन से वापस अशोकनगर आया। पुलिस ने मोबाइल फोन एवं बाइक भी बरामद कर ली है।
