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धान का उठाव नहीं करने वाले मिलर्स को जारी होगा नोटिस
जिले में अभी भी 10 लाख क्विंटल से अधिक धान खुले में भंडारित
बालाघाट। कलेक्टर के आदेश के बाद भी मिलर्स धान का उठाव नहीं कर रहे हैं। इधर, धान का उठाव नहीं करने वाले मिलर्स को नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए है। कलेक्टर मृणाल मीना ने सोमवार को धान उपार्जन कार्यों की समीक्षा भी की। समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों को धान का शीघ्र परिवहन करने के निर्देश दिए। इधर, मौजूदा समय में जिले में 10 लाख क्विंटल से अधिक धान खुले आसमान के नीचे भंडारित है। जबकि 51 लाख 11 हजार 797 क्विंटल धान की खरीदी की गई है।
जानकारी के अनुसार जिले में समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री करने के लिए 1 लाख 14 हजार 924 किसानों ने स्लॉट बुक कराए हैं। स्लॉट बुक कराने वाले 1 लाख 3 हजार 218 किसानों ने अभी तक अपनी उपज बेची है। इन किसानों से 51 लाख 11 हजार 797 क्विंटल धान खरीदा गया है। जिसमें 41 लाख 39 हजार 94 क्विंटल धान का परिवहन किया गया है। विदित हो कि जिले में समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री करने केलिए 1 लाख 30 हजार 810 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। जिसमें से 1 लाख 3 हजार 218 किसानों ने अपनी उपज बेच चुके हैं। शेष किसान अभी भी धान की बिक्री करने के लिए कतार में है।
धान का उठाव के लिए करें मिलर्स की मेपिंग
कलेक्टर मृणाल मीना ने सोमवार को धान उपार्जन कार्यों की समीक्षा की। धान खरीदी केंद्रों से पर्याप्त मात्रा में धान परिवहन नहीं करने के मामले में मिलर्स को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। साथ ही धान का उठाव करने के लिए मिलर्स की मेपिंग करने के लिए भी कहा है। बैठक में संबंधित विभागों के साथ समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि कुछ ऐसे केंद्र चिन्हित करें। जहां अभी भी बड़ी मात्रा में धान उठाव करना शेष है। साथ ही ऐसे केंद्रों की सूची बनाकर परिवहनकर्ताओं के साथ मैपिंग करें।
खुले में भंडारित धान पर मंडरा रहा बारिश का खतरा
जिले में अभी भी बड़ी मात्रा में धान खुले आसमान के नीचे सोसायटियों में भंडारित है। इधर, जिले में मौसम लगातार बदल रहा है। ऐसे में खुले में भंडारित धान पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके न तो परिवहनकर्ता, मिलर्स और विभाग इसे गंभीरता से ले रहा है। जबकि कलेक्टर ने पूर्व में ही धान का तीव्र गति से परिवहन करने के निर्देश दिए है। जिले में लांजी, लालबर्रा, उकवा, परसवाड़ा, लामता, चरेगांव सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में धान खुले में भंडारित है।

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