हाई कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है

जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विनय सराफ की एकलपीठ ने पासपोर्ट प्राधिकरण, भोपाल को निर्देश दिए हैं कि नाबालिग जुड़वा बहनों के पासपोर्ट का नवीनीकरण करें। कोर्ट ने नाबालिग पुत्रियों व उनकी मां स्मिता भारद्वाज की याचिका पर यह व्यवस्था दी है। सुनवाई के दौरान पिता अभिनेता नितीश भारद्वाज आपत्तिकर्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपना पक्ष स्वयं रखते हुए पासपोर्ट नवीनीकरण की मांग निरस्त करने पर बल दिया। लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी आपत्ति को दरकिनार करते हुए याचिकाकर्ता को राहत दे दी।
याचिकाकर्ता नाबालिग पुत्रियों की मां वरिष्ठ आईएएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने भोपाल पासपोर्ट प्राधिकरण के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें नाबालिग पुत्रियों के पिता नितीश भारद्वाज की आपत्ति के कारण उनकी पासपोर्ट नवीनीकरण से इनकार कर दिया गया था।
हाई कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और पासपोर्ट अधिनियम के तहत पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए दोनों माता-पिता की सहमति की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलों को स्वीकार किया और यह जांचने से इनकार कर दिया कि याचिका के आधार पर प्रस्तुत दस्तावेज़ असली हैं या नहीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने पक्ष रखाा।
