Spread the love

गुपचुप खाने के बाद फूड पॉयजनिंग के शिकार हुए थे 54 ग्रामीण व बच्चे
बालाघाट। फूड पॉयजनिंग से बीमार हुए मरीजों का कुशलक्षेम जानने के लिए शनिवार को विधायक, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी जिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना। डॉक्टरों से मरीजों के संबंध में जानकारी ली। हालांकि, सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। डॉक्टरों की राय के बाद मरीजों को छुट्टी दी जाएगी। इधर, कलेक्टर ने गुपचुप विक्रेता पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को रट्टा गांव में पानीपुरी खाने के बाद 54 ग्रामीण और बच्चे फूड पॉयजनिंग का शिकार हो गए थे। जिन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। शनिवार को फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए मरीजों से मिलने के लिए परसवाड़ा विधायक मधु भगत, कलेक्टर मृणाल मीना, एसपी नगेंद्र सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी जिला चिकित्सालय पहुंचे। विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों ने मरीजों का कुशलक्षेम जाना। कलेक्टर ने पीडि़त युवाओं, महिलाओं और बच्चों से मिलकर मामले की पूरी जानकारी ली। साथ ही उन्होंने उपचार के बारे में डॉक्टरों से चर्चा की। कलेक्टर ने आश्वस्त कराया कि उपचार के उपरांत पूरी तरह स्वस्थ होने पर ही डॉक्टरों के ओपीनियन के बाद ही डिस्चार्ज किया जाएगा। जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे, सिविल सर्जन डॉ.निलय जैन मौजूद रहे।
गुपचुप विक्रेता के खाद्य सामग्री की होगी जांच
कलेक्टर मृणाल मीना ने बताया कि रट्टा गांव में पानीपुरी विक्रय करने वाले वेंडर की खाद्य सामग्री की जांच की जाएगी। एसडीएम गोपाल सोनी को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ राजस्व अधिकारियों को जांच करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर पानीपुरी विक्रेता पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। दिसंबर व जनवरी माह में की गई कार्रवाई के प्रकरण एडीएम कोर्ट में लंबित है।
इनका कहना है
फूड पॉयजनिंग के सभी रोगी अब खतरे से बाहर है। गुपचुप विक्रेता के खाद्य सामग्री की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों की राय के बाद मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। दिसंबर व जनवरी माह में खाद्य पदार्थों की जांच व कार्रवाई के प्रकरण एडीएम कोर्ट में लंबित है। आगे भी खाद्य पदार्थों की जांच व कार्रवाई की जाएगी।
-मृणाल मीना, कलेक्टर, बालाघाट
ग्राम रट्टा में फूड पॉयजनिंग से 54 से अधिक ग्रामीण व बच्चे बीमार हो गए हैं। अस्पताल पहुंचकर मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। डॉक्टरों को मरीजों का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए है। इस मामले में गुपचुप विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। कांग्रेस के शासनकाल में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए अभियान चलाया गया था। लेकिन भाजपा सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है।
-मधु भगत, विधायक, परसवाड़ा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *