
प्रदेश में सर्वप्रथम ई समन व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण सहित 1042.24 करोड़ के निर्माण कार्याे का लोकार्पण
महेश्वर जानापाव उद्वहन सिंचाई परियोजना का नाम माता अहिल्या बाई के नाम की घोषणा
खरगोन । मध्य प्रदेश सरकार की महेश्वर में कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से शराबबंदी से लेकर कई मुद्दों पर अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा की महेश्वर में कैबिनेट का आयोजन करने का उद्देश्य प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार देवी अहिल्याबाई द्वारा महिला सशक्तिकरण, किसान.कल्याण, सुशासन की दिशा में दिखाए मार्ग पर चलकर समग्र विकास को चरितार्थ करने के लिये संकल्पित है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई के सिद्धातों एवं आदर्श राज्य की नीति एवं निर्माण में समाहित किया जायेगा। उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए महिला नेतृत्व एवं सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने प्रभावी कदम बढाए हैं। महेश्वर में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थानों पर शराबबंदी का निर्णय लिया गया। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को दिए 25 करोड़, एक्सीलेंस सेंटर बनाया जाएगा मंत्रिमंडल में तय हुआ कि विशेष परिस्थितियों में मंत्री भी कर विभागों के ट्रांसफर कर सकेंगे।तीन नये जिलों में एयर टैक्सी का विस्तार होगा।180 करोड़ की लागत से भोपाल में एक और ब्रिज बनेगा। बावडिय़ा कला में बनेगा ब्रिज।
राज्य को शराबबंदी की तरफ ले जाएंगे। 17 धार्मिक नगरों में शराब बंद होगी। पूरे उज्जैन, दतिया, पन्ना, मंडला, मुल्ताई, मंदसौर, मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, अमरकंटक, चित्रकूट में पूरी तरह से शराबबंदी रहेगी। मां नर्मदा के तट पर पांच किलोमीटर तक शराब बंदी रहेगी प्रदेश में सर्वप्रथम ई समन व्यवस्था के तहत बंदी जेल में विद्यमान क्यूबिक से ही न्यायालयीन प्रक्रिया में शामिल होंगे। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि उन्हें न्यायालय न जाना पड़े। इसी प्रकार चिकित्सकों द्वारा अस्पताल से ही बयान दर्ज कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
मंडलेश्वर में आयोजित सभा के दौरान सीएम ने महेश्वर-जानापाव उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजन का नाम माता अहिल्या बाई के नाम की घोषणा करने के साथ ही कई विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया कैबिनेट की बैठक में भाजपाजनो सहित अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
