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जिलहरीघाट में पिकनिक के दौरान की थी वारदात
जबलपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश आलोक अवस्थी की अदालत ने हत्याकांड के तीन आरोपितों जबलपुर निवासी अनिल झारिया, पवन झारिया व रिंकू उर्फ सुनील ठाकुर का दोष सिद्ध पाया। इसी के साथ तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। साथ ही एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। राज्य शासन की ओर से प्रभारी लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि यह मामला जिलहरीघाट में पिकनिक के दौरान खाना न देने की बात पर हत्याकांड को अंजाम देकर लाश नर्मदा में फेंके जाने से संबंधित था। दरअसल, दीपक रैकवार अपने दो साथियों (राहुल व पवन) के साथ पिकनिक मनाने 15 मार्च, 2016 को जिलहरीघाट गया था। कुछ देर बाद उनके मोहल्ले में रहने वाले विक्की उर्फ विकास, अजय पटेल, अशोक, गुल्लन सोनी और आकाश सोनी भी आ गए। सभी मिलकर वहां पर गक्कड़ भर्ता बना रहे थे। उसी दौरान वहां पर रेतनाका के पास रहने वाले आरोपित अनिल झारिया, पवन झारिया व रिंकू उर्फ सुनील ठाकुर वहां पहुंचे और उन्होंने खाना मांगा। चूंकि गक्कड़ भर्ता तैयार नहीं हुआ था, इसलिए युवकों ने आरोपितों को कुछ समय बाद आने कहा। इसी बात को लेकर आरोपितों ने अपशब्दों का प्रयोग करके युवकों पर हमला कर दिया। आरोपितों ने विक्की उर्फ विकास को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद हत्या कर नदी में फेंककर चले गए। गौरीघाट थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों आरोपितों को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुना दी।

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