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हाई कोर्ट ने पीड़ित महिला अधिकारी की याचिका पर दिए निर्देश
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा पर महिला अधिकारी से अभद्रता के आरोप के मामले में घटना के दिन की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। यह भी सुनिश्चित करने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। मामले की अगली सुनवाई चार फरवरी को नियत की गई है।
याचिकाकर्ता रादुवि की पीड़ित महिला अधिकारी की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि रादुवि के कुलगुरु ने मीटिंग के दौरान अभद्र इशारा किया था। जिसकी शिकायत प्रमुख सचिव व राज्य महिला आयोग को भेजी गई थी। जहां से निर्देश जारी किए गए थे कि कलेक्टर विवि की आंतरिक समिति से जांच सुनिश्चित कराएं। लिहाजा, कलेक्टर ने रादुवि कुलसचिव को पत्र लिखा था। इसके बावजूद कुलगुरु के विरुद्ध जांच प्रारंभ नहीं की गई। इससे साफ है कि कुलगुरु के प्रभाव में मामले को दबाने की कवायद जारी है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीसीटीवी फुटेज के लिए पेश आरटीआई आवेदन को भी दरकिनार कर दिया गया। इसी रवैये से व्यथित होकर हाई कोर्ट की शरण ली गई है। याचिकाकर्ता की आेर से अवगत कराया गया कि 21 नवंबर, 2024 को कुलगुरु कक्ष में मीटिंग चल रही थी। इस दौरान अधिकारियों व अधीनस्थ कर्मियों के मध्य याचिकाकर्ता अकेली महिला अधिकारी थी। सभी के सामने कुलगुरु ने मर्यादा के विपरीत अशोभनीय टिप्पणी के अलावा अभद्र इशारा भी किया। इससे अपमान हुआ। साथ ही मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा। सुनवाई के दौरान राज्य शासन, विवि व कलेक्टर की ओर से अधिवक्ताओं ने जांच कार्रवाई के संबंध में दिशा-निर्देश हासिल करने समय प्रदान किए जाने का निवेदन किया। जिसे स्वीकार कर हाई कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश सहित चार फरवरी को अगली सुनवाई नियत कर दी।

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