

48 घंटे से फंसे हैं वाहन, पुलिस अनाउंसमेंट से कर रही लौटने की अपील
जबलपुर। प्रयाग राज महाकुंभ में एक बार फिर माघी पूर्णिमा को लेकर श्रृध्दालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिले रहा है. जिसका नतीजा यह है कि शनिवार शाम से प्रयागराज में वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई. जबलपुर और आसपास के जिलों से अपने निजी वाहनों या किराए के वाहनों से प्रयाग राज पहुंच रहे लोग, लम्बे जाम में फंस गये. शनिवार की शाम को चार बजे तक रीवा तक जाम की स्थिति बन गई थी. जबकी रविवार को यह हालात मैहर तक आ गये. राजमार्ग पर पुलिस के वाहन बैरीकेड लगाकर खड़े हो गये हैं, अनाउंसमेंट कर लोगों से लौटने की अपील की रहे हैं. एक श्रृध्दालु के मुताबिक शनिवार शाम 4 बजे वो रीवा में थे और उन्हें चाक घाट तक पहुंचने में रविवार के शाम चार बज गये. अभी भी उन्हें प्रयागराज पहुंचने में 48 घंटे लगने की संभावना है. इस तरह महज करीब 336 किलोमीटर दूर प्रयागराज पहुंचने में जबलपुर से 72 घंटे का समय लग रहा है. बताया जा रहा है शनिवार रविवार अवकाश और मंगलवार को रविदास जयंती अवकाश को देखते हुये, श्रृध्दालुओं ने बच्चों के स्कूल, अपने दफ्तार आदि से सोमवार मंगलवार की छुट्टी लेकर कुम्भ का प्रोग्राम बनाया. 12 फरवरी को संत रविदास जयंती का सार्वजनिक अवकाश है, इसी दिन माघ पूर्णिमा का पुण्य स्नान भी है. लिहाजा देश की चारों दिशाओं से श्रृध्दालू प्रयाग राज पहुंच रहे हैं.ट्रेन और बस से जब टिकिट नहीं मिली तो अधिकांश से निजी वाहनों से सड़क मार्ग का रुख किया. पहले से क्षमता के कई गुना अधिक लोड पर चल रहे इस मार्ग पर और अचानक भीड़ दुगनी हुई. तो सिहोरा, कटनी, मैयहर से चाकघाट तक जाम ही जाम का नजारा बन गया.
आज हालात यह है कि प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ मेले में पुण्यकाल में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है, और इसे संभालने में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार के अफसरों को पसीना छूट रहा है। जबलपुर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस समय प्रयागराज के लिए रवाना हो रहे हैं, और रास्ते में भारी जाम के कारण उन्हें भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कटनी से शुरू हुआ जाम…….
जबलपुर जिले के आगे बढ़ते ही कटनी सीमा से ही जाम की शुरुआत हो रहा है, जो अब रीवा और चाकघाट तक फैल चुका है। यात्रियों के अनुसार, सिहोरा के मोहतरा टोल नाके से लेकर रीवा, चाकघाट और फिर प्रयागराज तक लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है।
आसपास के गांव कस्बे परेशान…
इस जाम के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों और शहरों, कस्बों, गली-मोहल्लों में रहने वाले लोगों को भी अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर खड़े वाहनों की लम्बी कतारें, हाईवे पर मेला सा माहौल और ढाबों, होटलों में भी जगह नहीं मिलने जैसी समस्याएं लोगों के सामने हैं।
महीला बच्चे परेशान…
इस जाम में फंसी हुई बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी हैं, जिनकी हालत बेहद खराब हो रही है। चिलचिलाती धूप और बिना खाने-पीने के लंबी दूरी तय करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है। यहां तक कि वीआईपी गाड़ियां भी इस जाम में फंसी हुई हैं, जो यह दर्शाता है कि स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है।
सोशल मीडिया से दी जा रही सूचना….
सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो फुटेज और संदेशों से यह स्पष्ट हो रहा है कि जबलपुर के सिहोरा से लेकर कटनी, मैहर, रीवा, चाकघाट और इलाहाबाद तक जाम की स्थिति विकट हो चुकी है। सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा एक-दूसरे को सूचित किया जा रहा है कि कटनी के झुकेही इलाके से आगे जाम इतना लंबा और धीमा है कि गाड़ियां तीन दिन तक भी नहीं निकल पा रही हैं।
कटनी से मैहर तक यात्रा मुश्किल…..
कटनी और मैहर तक प्रशासन को श्रद्धालुओं से अपील करनी पड़ रही है कि वे आगे न बढ़ें, क्योंकि चाकघाट तक जाम ही जाम लगा हुआ है। श्रद्धा का विषय होने के कारण प्रशासन सख्त कदम नहीं उठा रहा है, लेकिन लोगों को अपने-अपने तरीकों से समझाया जा रहा है। जबलपुर रीवा राजमार्ग पर पुलिस को लाउड स्पीकर के जरिए यह घोषणा करनी पड़ रही है कि आगे यात्रा करना अब संभव नहीं है, और लोग वहीं से वापस लौट जाएं।
लौटना भी मुश्किल…..
जो लोग कटनी पार गये हैं उनके लिये लौटना भी एक चुनौती बन गया या है. जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अब श्रद्धालुओं के लिए वापस लौटना भी मुश्किल हो गया है। टोल नाकों पर भारी भीड़ और लंबी कतारें लग रही हैं, जिसके चलते समय की बर्बादी हो रही है। हाईवे पर स्थित होटल, ढाबों आदि में भी अत्यधिक भीड़ लगी हुई है, जिससे श्रद्धालुओं को खाना-पीना भी मुश्किल हो रहा है।
