
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना 15 फरवरी को दिल्लीी में लेंगी पुरस्कार
देश के 22 प्रोजेक्ट में से इस अभियान को चुना गया
नर्मदापुरम। जिला शिक्षा केंद्र के नवाचार के तहत चलाये गये सीटी बजाओ बच्चे बुलाओ मुहिम को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्काच अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है। यह अवार्ड लेने के लिए शनिवार 15 फरवरी को कलेक्टर सोनिया मीना एवं डीपीसी डा राजेश जायसवाल दिल्ली के हैवीवेट सेंटर के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र की शालाओं में शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन कलेक्टर सोनिया मीना के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा केंद्र द्वारा तीन माह पूर्व प्रारंभ किया। क्योंसकी ग्रामीण परिवेश के परिवारों में जागरूकता की कमी से बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आते हैं और इसका सीधा प्रभाव उनकी सीखने के स्तर पर पड़ता है। बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए एक रोचक तरीका कलेक्टर सुश्री मीना के निर्देश पर जिला शिक्षा केंद्र ने तैयार किया एवं प्रारंभिक तौर पर इसे पांच शालाओं में जहां की उपस्थिति 30% के आसपास थी, लागू किया गया। इसमें स्वयं शिक्षक तथा उनके साथ बच्चों की एक टीम जिसमें एक सीटी कैप्टन होता है, उन बच्चों के घर के सामने जाकर सीटी बजाते हैं जो बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आते।सीटी की आवाज सुनकर गांव में भी यह बात प्रचारित होती चली गई की सीटी बजाने का मतलब बच्चों को स्कूल भेजना है। सीटी बज गई शाला खुल गई अभियान में ग्रामीणों ने भी सहयोग दिया और पालक भी बच्चों को तैयार करके स्कूल भेजने लगे।उन स्कूलों की उपस्थिति 30% से बढ़कर लगभग 70% हो गई।
