
जबलपुर। कुटुम्ब न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश मुकेश कुमार दांगी की अदालत ने दूसरा निकाह करने वाले पति को पहली पत्नी के हक में भरण-पोषण राशि प्रदान करने का राहतकारी आदेश पारित किया है। यह राशि प्रत्येक माह की 10 तारीख तक देनी होगी। पत्नी चाहे तो ई-बैंकिंग वाले राष्ट्रीयकृत बैैंक में खाता खुलवाकर उसका विवरण दे सकती है। जिसके बाद उसके बचत खाते में भरण-पोषण राशि पहुंचने लगेगी।
आवेदिका सोनबाई की गली, शास्त्री वार्ड, आंगनबाड़ी केंद्र के बाजू से निवास करने वाली तनवीर बानो की ओर से दलील दी गई कि आवेदिका का निकाह ग्राम मैली, कटंगी रोड, सिवनी निवासी आसिफ अली के साथ 25 फरवरी, 2018 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। वर्तमान में आवेदिका अपने दो बच्चों के साथ पृथक निवास कर रही है। उसका आरोप है कि निकाह के बाद मेंहदी का रंग उतरने के पूर्व ही ससुराल पक्ष द्वारा मेहमानों के समक्ष आपत्तिजनक व्यवहार किया जाने लगा था। दैनिक घरेलू कार्य कराए जाने लगे थे। पति अपनी बहन के साथ मिलकर अपमानजनक व्यवहार करता था। ससुर का रवैया भी अनुचित था। पति से शिकायत पर उलटी फटकार लगा दी जाती थी। बीमार मां तक से मिलने जाने नहीं दिया गया। इसीलिए वह अलग रहने लगी है। उसे भरण-पोषण राशि की दरकार है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि पति ने दूसरा निकाह कर लिया है। उसके फर्नीचर के दो शोरूम हैं, जिनके काफी आमदनी होती है। अदालत ने तर्क से सहमत होकर आवेदिका के हक में राहतकारी आदेश पारित कर दिया।
