
जबलपुर। अपर सत्र न्यायाधीश अजय रामावत की अदालत ने दो सगे भाईयों रोशन व प्रकाश ठाकुर की हत्या के आरोपित दुर्गा नगर, गौरीघाट निवासी दीपक झारिया, आकाश झारिया, मोहित गुप्ता, भोलू उर्फ राहुल कुरैशी, अमन उर्फ विक्की झारिया, विकास बैरागी, विकास उर्फ अट्टी झारिया और नरेंद्र उर्फ भोला कोल का दोष सिद्ध पाया। इसी के साथ आठाें को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। साथ ही 13-13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक कुक्कू दत्त ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आरोपितों ने एकराय होकर 10 जून, 2020 को रात्रि साढ़े 12 बजे नया रेलवे स्टेशन के सामने दो सगे भाईयों रोशन व प्रकाश ठाकुर की हत्या कर दी थी। इसके लिए सुनियोजित तरीके से बलवा किया। बटनदार चाकू, लाठी, कुल्हाड़ी, पत्थर से हमला बोल दिया। इस वजह से दोनों बुरी तरह घायल हो गए। अधिक खून बहने से उनकी मौत हो गई। चूंकि मामला जघन्य श्रेणी का है। आरोपितों ने पुरानी रंजिश के चलने हत्याकांड को अंजाम दिया है, अत: सख्त सजा सुनाई जानी चाहिए। अदालत ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों के साथ तर्क से सहमत होकर आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
