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भूमि को आबादी मद में परिवर्तित कर पट्टा प्रदान किए जाने की मांग
ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से लगाई फरियाद

बालाघाट। 29 वर्षों से राजस्व भूमि पर निवास कर रहे हैं। लेकिन शासन ने आज तक किसी भी ग्रामीण को पट्टा प्रदान नहीं किया है। जबकि ग्रामीणों ने अनेक बार मद परिवर्तन कर भूमि का पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की। लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। मंगलवार को पुन: जनसुनवाई में पहुंचकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को समस्या से अवगत कराया। राजस्व मद की भूमि को आबादी मद में परिवर्तित कर पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की। मामला बैहर मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 8 इंदिरा गांधी वार्ड का है।
जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण राजेंद्र सिंह बैस, रामचरण यादव, मुरलीधर शेंडे, करोड़ी नामदेव, प्रेमलाल चैतगुरु, अनिता यादव, लता बाई, किरण हरोणे, सरोज मरकाम, सीमा यादव, कुंती यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे पटवारी हल्का नंबर 17/1 खसरा क्रमांक 422 में वर्ष 1996 से निवास कर रहे हैं। पूर्व में शासन ने मुस्लिम समुदाय को कब्रिस्तान के नाम पर उक्त भूमि आबंटित की थी। लेकिन मुस्लिम समुदाय ने उक्त भूमि का आज तक उपयोग नहीं किया है। इतना ही नहीं आबंटित भूमि पर कभी हस्तक्षेप भी नहीं किया। इस भूमि के एवज में शासन ने पटवारी हल्का नंबर 17/1 खसरा क्रमांक 429/1 की भूमि मुस्लिम समुदाय को पुन: आबंटित कर दिया। जिसका उपयोग मुस्लिम समुदाय कब्रिस्तान के रुप में कर रहे हैं।
नगर परिषद में जमा कर रहे टेक्स
ग्रामीणों ने बताया कि इस वार्ड में निवास करने वाले ग्रामीण नगर परिषद में लगातार भूमि व मकान का टेक्स जमा कर रहे हैं। मालिकाना हक नहीं मिलने के कारण उन्हें नगर परिषद की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं वे आवास योजना के लाभ से भी वंचित है। ग्रामीणों ने कहा कि इसके पूर्व उन्होंने जनसुनवाई में भी अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया था। लेकिन आज तक समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने पुन: मांग की है कि उक्त भूमि को आबादी मद में परिवर्तित कर उन्हें पट्टा प्रदान कर मालिकाना हक दिया जाए।
भानेश साकुरे / 4 मार्च 2025

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