सूपखार वन परिक्षेत्र में मिला नर बाघ का शव
बालाघाट। कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र में फिर एक बाघ की मौत हो गई। इस बार बाघ की मौत आपसी संघर्ष के चलते हुई है। बाघ के मृत होने की जानकारी रविवार को सामने आई। करीब 4-5 वर्ष के बाघ का का शव वन भूमि कक्ष क्रमांक 319 बीट पटुवा, वृत पटुवा, वन परिक्षेत्र सूपखार में पाया गया। इस शव को वन अमले द्वारा गश्ती के दौरान बरामद किया गया। विशेषज्ञों ने शव का पीएम कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
कार्यालय क्षेत्र संचालक कान्हा टाइगर रिजर्व मण्डला ने जानकारी देते हुए बताया कि एनटीसीए नई दिल्ली एवं कार्यालय मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश भोपाल से जारी दिशा निर्देश अनुरूप त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना स्थल को सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से घटना स्थल एवं उसके आस-पास छानबीन की गई। मृत बाघ का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल कान्हा टाइगर रिजर्व मण्डला, डॉ. राकेश वारेश्वा ब्लाक विटनरी अधिकारी बिरसा के द्वारा किया गया । पोस्टसमार्टम रिपोर्ट में वन्यजीव नर बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाये गये। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ज्ञात हुआ कि बाघ की मृत्यु का प्रथम दृष्ट्या कारण बाघों के आपसी संघर्ष में जबड़े की नीचे की हड्डी टूटने से चोट द्वारा हुई है। बाघ को निर्धारित प्रक्रिया अनुसार शवदाह, भस्मीकरण की कार्यवाही की गई। इस दौरान क्षेत्र संचालक रवीन्द्रमणि त्रिपाठी, उपसंचालक पुनीत गोयल, सहायक संचालक फेन मुकेश कुमार जामोर, जेसी भगत तहसीलदार बैहर, परशुराम चौहान एनटीसीए प्रतिनिधि, चन्द्रेश खरे वन्यप्राणी अभिरक्षक (मानद), संतराम मरावी सरपंच पटुवा व क्षेत्रीय अमला मौजूद रहा। प्रकरण में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही जारी है।

