
ठगी का कॉल सेंटर पकड़ाये जाने पर की थी लचर कार्यवाही
भोपाल। राजधानी के अशोका गार्डन थाना इलाके में प्रभात चौराहे पर एक इमारत में स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर देश भर के लोगों को ठगने के मामले में पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने सख्त कदम उठाते हुए टीआई जितेंद्र गढ़वाल, एएसआई पवन रघुवंशी सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रो के अनुसार गंभीर मामले की जॉच में पुलिस कर्मियो द्वारा की जा रही संदिग्ध और बेहद लचर कार्यवाही के चलते पुलिस कमिश्नर खासे नाराज थे, इसके साथ ही चारों की विभागीय जांच भी शुरू कराई जा रही है। खबरो के मुताबिक मामले में संस्पैंड किये गये ऐशबाग थाने में पदस्थ रहे एएसआई पवन रघुवंशी के घर पर पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच द्वारा छापामार कार्यवाही की गई, इस दौरान उसके घर से करीब 15 लाख की नगदी बरामद हुई है। जानकारी के मुताबिक टीआई जीतेंद्र गढ़वाल, एएसआई पवन रघुवंशी और दो अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। पिछले दिनों कॉल सेंटर पर ऐशबाग पुलिस की रेड के दौरान की गई कार्रवाई में कई कमियां थीं। इस मामले में आरोपी अफजल खॉन को सोमवार को गिरफ्तार कर तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है की एएसआई पवन रघुवंशी को तीन दिन पहले ही लाइन अटैच किया गया था। वहीं जितेंद्र गढ़वाल और पवन रघुवंशी लगातार विवादों में थे। गौरतलब है कि ऐशबाग पुलिस ने कॉल सेंटर संचालित कर ठगी करने वाले ठिकाने पर 23 फरवरी को दबिश दी थी। यहां से अफजल के बेटे को गिरफ्तार किया था। बाद में उस पर 151 की कार्रवाई कर छोड़ दिया गया। मामले में उस समय उबाल गया गया जब कॉल सेंटर संचालक अफजल और उसकी बेटी पर एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अफजल के खातों में देश भर में की गई ठगी के करीब एक करोड़ रुपए के लेन-देन भी हो चुके हैं। और उसके खुद के नाम से तीन खाते हैं, जबकि अन्य खाते उसके रिश्तेदारों और कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों के हैं। जिन्हें वह साइबर ठगी में इस्तेमाल किया करता था। पुलिस की शुरुआती जांच में करीब 40 खातों की जानकारी सामने आई है। जिसमें मास्टर माइंड अफजल ने अपने तीन खाते बताए हैं। बाकी खाते कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम पर खुलवाए गए थे। इन सभी खातों की जानकारी संबंधित बैंक से ली जाएगी। सोमवार तक कॉल सेंटर में काम करने वाले 29 युवक-युवतियों की जानकारी पुलिस को मिल चुकी हैं, जिनसे जल्द ही पूछताछ की जाएगी। मास्टर मांइड आरोपी अफजल के परिवार के अन्य फरार सदस्यों की तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं।
*अब तक मास्टरमांइड सहित 9 गिरफ्तार
गौरतलब है, की इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए निवेश के नाम पर ठगी करने वाले आठ जालसाजों में शामिल विपिन घोष, रामचंद्र यादव, बृज किशोर साहू, सौरभ कुशवाह, श्रेयांश सेन, राजू भूमरकर, अंकुर माछीवार और मोनिस यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें मास्टर माइंड अफजल सहित अब तक 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। यह सभी आरोपी कॉल सेंटर पर कर्मचारी थे और इनके नाम से खाते खुलवाए गए थे। देशभर में लोगों से ठगी की रकम इन खातों में आती थी। पुलिस जॉच में पता चला है की कॉल सेंटर संचालक अफजल खॉन और उसकी बेटी साहिबा खुद को बेंगलुरु की एक नेशनल कंपनी का कर्मचारी बताते थे। नौकरी के लिये इंटरव्यू लेकर युवाओं को कॉल सेंटर में 10 से 12 हजार की मंथली सैलरी पर रखा जाता था। यहां काम करने वाले टेली कॉलर लोगों को शेयर मार्केट में 200 फीसदी तक का मुनाफा दिखाकर अपने जाल में फंसाते थे।
