
दमोह। म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन इकाई दमोह द्वारा कृष्णा सोबती जन्म शताब्दी समारोह एवं नगर के वरिष्ठ कवित सत्यमोहन वर्मा का सम्मान (साखी साहित्य परिषद करेली नरसिंहपुर द्वारा) समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. रघुनंदन चिले मुख्य अतिथि, वक्ता प्रोफेसर माधव श्रीवास्तव करेली रहे। सरस्वती वंदन उपरांत श्री नारायण श्रीवास्तव अध्यक्ष साखी साहित्य परिषद, सचिव खलील करेलवी द्वारा वर्मा जी का सम्मान कर अभिनंदन वाचन किया गया तदोपरांत कृष्णा सोबती के कथा साहित्य की चिंतन भावधारा को रेखांकित करते हुए माधव श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक युग के साहित्य गगन में ध्रुवतारा जैसी चमक लिये उनका कहानी लेखन रोशनी बिखेर रहा है। देश के विभाजन की विभीषिका से उत्पन्न त्रासदी को कृष्णा सोबती जी ने देखा और भोगा और उनके घटक तत्वों को अपने कहानी लेखन में समाहित किया। कहानी “सिक्का बदल गया“ उनकी बेमिसाल कहानी है जो प्रभाव उत्पादकता से परिपूर्ण होकर चर्चित है जिसमें पारिवारिक बोध, रिश्तों का निर्वाह, जीवन मूल्यों का संरक्षण और सांस्कृतिक परिवेश को इंगित करता है। वो अपनी कहानियों में नारी विमर्श में भारतीय संस्कृति को लेकर उसे संजोकर चलती हैं। विभाजन से जन्में वैमनस्य के तरलीकरण में उनकी कहानियां प्रेरक और सहायता करने वाली हैं। इकाई संरक्षक सत्यमोहन वर्मा ने कहा कृष्णा सोबती के लेखन में वातावरण तथा परिवेश का पूर्ण प्रभाव है उन्होंने यथार्थ को जिया और यथार्थ को लिखा। उनकी रचना “हम हस्मत“ हिन्दी साहित्य जगत की अद्वितीय रचना है जिसमें 22 साहित्यकारों के संस्मरण लिखे हैं जो हिन्दी साहित्य में मील के पत्थर हैं। अध्यक्ष डॉ. चिले ने कहा कृष्णा सोबती का रचना संसार कृतियों के माध्यम से समाज को सतत नई दिशा देने वाला है जो पठनीय तथा अनुकरणीय है। तदोपरांत संस्थागत प्रतिनिधि काव्य पाठ में पुष्पा चिले, पी.एस. परिहार, रामकुमार तिवारी, मधुलता पाराशर, गणेश राय, सोएब खान, अदीब खान, आनंद जैन ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर नारायण सिंह ठाकुर, नरेन्द्र दुबे, अमरसिंह राजपूत, पी.सी. शर्मा, श्रीमती कांति वर्मा, आराधना राय, डॉ. संगीता पाराशर, मंजू राजपूत, राजीव वर्मा, रविकांत श्रीवास्तव, शरद मेहता, राजेश दबे, अवधेश चौबे, अयाज दमोही, अकमल दमोही, अनुनय श्रीवास्तव, केशू तिवारी, प्रोफे. अनिल जैन, ओजेन्द्र तिवारी, प्रवीण श्रीवास्तव, राजेश शर्मा, डॉ. रफीक आलम, मुहम्मद बायर ताहिर की उपस्थिति रही। इकाई अध्यक्ष रमेश तिवारी द्वारा संचालन तथा सचिव मानव बजाज द्वारा आभार ज्ञापित किया गया।
