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हत्याकांड में उलझी गुत्थी, मां ने नहीं कबूला अपराध, थाना प्रभारी बोले, हत्या के हैं पुख्ता साक्ष्य
गुना |  शहर का बहुचर्चित अभ्युदय हत्याकांड में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर उसकी मां अलका जैन को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मां ने फिलहाल अब तक हत्या की बात स्वीकार नहीं की है। इस वजह से जांच की गुत्थी और उलझती जा रही है। पुलिस अभी भी सभी कडिय़ों को जोडऩे में जुटी हुई है और मामले का पूरी तरह खुलासा करने से बच रही है।
इस बारे में थाना प्रभारी बृजमोहन सिंह भदौरिया ने बताया कि पुख्ता साक्ष्यों के बाद पुलिस ने मां को गिरफ्तार किया है। आगे भी विवेचना चल रही है। पति सहित आसपास पडोसियों, परिचितों सभी से पूछताछ की गई। श्री भदौरिया के अनुसार 14 फरवरी को कोतवाली पुलिस में एक मर्ग कायम किया गया था। जिसको गंभीरता से लेते हुए एक डॉक्टर्स के पैनल द्वारा पीएम कराया गया था। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद 22 फरवरी अपराध क्रमांक 115 कायम किया गया था। जिसमें विवेचना और तथ्यों के आधार पर उसकी मां को संदिज्ध परिस्थिति में पाया गया। जिस पर उसको गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा गया। मां के कथन और साक्ष्यों में काफी भिन्नता रही। जिसमें मेडिकल रिपोर्ट, आसपास के कैमरे, सीडीआर टार्ईमिंग, आसपास के बयानों में अंतर आया है। हत्या के पीछे कारण मां ने बताया नहीं है। फिलहाल कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुख्ता साक्ष्यों के बाद पुलिस ने मां को गिरफ्तार किया है।
दरअसल 14 फरवरी को चौधरन कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले 15 वर्षीय अभ्युदय जैन की लाश बाथरूम में मिली थी। उस दिन उनके पिता अनुपम जैन भोपाल स्थित बैंक में कार्यरत होने के कारण घर पर नहीं थे। अलका जैन ने पुलिस को बताया था कि वे शाम को बैडमिंटन खेलने गई थीं और लौटने के बाद जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने मकान मालिक से एक्स्ट्रा चाबी लेकर दरवाजा खोला। इसके बाद बाथरूम में अभ्युदय का शव टॉवल हैंगर से लटका मिला। उन्होंने गले में बंधे दुपट्टे और पैरों में बंधी लेगी को काटकर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था।
घटनास्थल की स्थिति को देखकर मामला शुरू में आत्महत्या और हत्या के बीच झूल रहा था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से दम घुटने की पुष्टि होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह हत्या है। पुलिस ने जांच में पाया कि अभ्युदय को आखिरी बार दोपहर करीब ढाई बजे मां के साथ देखा गया था। उनकी मां ने ही रात 8 बजे सबसे पहले शव देखा था। पुलिस ने एफआईआर में घटना का समय दोपहर डेढ़ बजे से रात 8 बजे के बीच दर्ज किया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने अलका जैन के बयान के आधार पर कई साक्ष्यों की जांच की, जिसमें कई विरोधाभासी तथ्य सामने आए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाथरूम में मिले दुपट्टे के दो टुकड़े थे और लेगी तीन टुकड़ों में कटी मिली, लेकिन उनमें कोई गठान नहीं थी। ग्वालियर जोन के पुलिस कमिश्नर अरविंद कुमार सक्सेना ने इस मामले की समीक्षा की है और जांच को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को इस मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग मिल चुके हैं और जल्द ही हत्याकांड का पूरा खुलासा किया जा सकता है।

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