
नहाने के दौरान हुई घटना, दोनों मृतक आपस में थे दोस्त
एक छात्र का रात्रि में तो दूसरे का सुबह मिला शव
बालाघाट। वैनगंगा नदी के आमाघाट में डूबने से दो छात्रों की मौत हो गई। जिसमें एक छात्र का शव गुरुवार की रात्रि में तो दूसरे का शव शुक्रवार की सुबह बरामद किया गया। हादसा 6 मार्च के शाम का है। कोतवाली पुलिस ने दोनों शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद से दोनों परिवार की खुशियां मातम में बदल गई। दोनों ही छात्र आपस में दोस्त थे।
जानकारी के अनुसर आरव पिता महेश यादव15 वर्ष निवासी पुलिस लाइन बालाघाट और पीयूष पिता महेश कटरे 15 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 24 इंदिरा नगर बालाघाट दोनों दोस्त थे। दोनों एक ही स्कूल में कक्षा 9 वीं में अध्ययनरत थे। 6 मार्च की सुबह दोनों ही छात्र अपने-अपने परिजनों को खेलने की बात कहकर निकले थे। लेकिन दोपहर तक घर नहीं लौटे थे। जिसके बाद परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरु की। शाम करीब 6.30 बजे दोनों बालक की नदी में डूबने की खबर मिली। सूचना के बाद एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने वैनगंगा नदी पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया। रात्रि करीब 8 बजे के बाद एक बालक पीयूष कटरे का शव मिल पाया था। रात होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया था। वहीं पीयूष के शव को जिला चिकित्सालय के मर्चूरी में रखवा दिया गया था। शुक्रवार को पुन: रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया गया। सुबह करीब 11 बजे आरव यादव का शव मिला। जिसे पीएम के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। कोतवाली पुलिस ने दोनों बालकों के शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।
आरव अपने माता-पिता का था इकलौता पुत्र
बताया गया है कि महेश कटरे जिला अस्पताल बालाघाट में सेवारत है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं। छोटा बेटा 18 महीने का है। बड़ा बेटा पीयूष कटरे कक्षा 9 वीं का छात्र था। इसी तरह महेश यादव जिला पुलिस बल मंडला में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ है और वे हृदयनगर पुलिस चौकी में पदस्थ है। उनका परिवार पुलिस लाइन बालाघाट में रहता है । आरव यादव उनका इकलौता बेटा है जो कक्षा 9 वीं का छात्र था। वहीं उनकी एक बेटी है। बालक पियूष कटरे और आरव यादव दोनों दोस्त है। जो बालाघाट इंग्लिश स्कूल में पढ़ते हैं।
फुटबाल खेलने के लिए निकले थे घर से
बताया गया कि 6 मार्च को सुबह करीब 9 बजे दोनों बालक फुटबॉल खेलने के लिए घर से निकले थे। लेकिन दोपहर तक घर नहीं लौटे। जिसके बाद उनकी खोजबीन शुरु की गई थी। मोबाइल पर संपर्क किया गया। लेकिन कोई भी काल नहीं उठा रहा था। दोनों बालक के परिजनों ने उन्हें बालाघाट नगर में खोजा। इसके अलावा उनके उनके दोस्त और साथ में पढऩे वाले बच्चों से भी पूछताछ की। किंतु उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पाई। तब दोनों बालक के परिजन उन्हें ढूंढते हुए वैनगंगा नदी पहुंचे थे। इसी दौरान शाम करीब 6 बैनगंगा नदी के आमाघाट किनारे बालक आरव की स्कूटी खड़ी पाई गई। इसके बाद परिजन नदी के किनारे पहुंचे। जहां पर पानी किनारे बैग, एक मोबाइल और दोनों बालक के जूते चप्पल दिखाई दी। नदी के अंदर पानी में उतराते हुए एक बालक की लाश देखी गई।
