
महिला बाल विकास विभाग की हितग्राहियों के साथ हुई धोखाधड़ी
लालबर्रा थाना क्षेत्र के पंढरापानी गांव का मामला
बालाघाट। महिला बाल विकास विभाग का अधिकारी बनकर पहले ओटीपी मांगा। इसके बैंक खाते से पांच हजार रुपए उड़ा लिए। साइबर ठगी का यह मामला लालबर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रानीकुठार के ग्राम पंढरापानी का है। पीडि़त हितग्राहियों ने इस मामले की लालबर्रा थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
जानकारी के अनुसार लालबर्रा थाना अंतर्गत रानीकुठार पंचायत के पंढरापानी गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के दो लाभार्थी धात्री महिलाओं के बैंक खातों से अज्ञात व्यक्ति ने पांच हजार रुपए उड़ा दिए है। पंढरापानी आंगनबाड़ी़ केन्द्र क्रमांक 01 की कार्यकर्ता रूबीना अली ने बताया कि संतोषी पति अजय कावरे और ज्योति बावने नामक दो धात्री लाभार्थी महिला के मोबाइल पर फोन आया कि मैं परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास बालाघाट से राहुल शर्मा बोल रहा हूं। आप अपने बैंक का खाता संख्या बताइए। मैं तुरत आपको छ: हजार रुपए बैंक खाता में भेज रहा हूं। जालसाज ने आंगनबाडी केंद्र पंढरापानी की लगभग 30-35 धात्री लाभार्थी महिलाओं को रुपये बैंक खाता में भेजने का नाम बताकर अपने विश्वास में लिया। इसके बाद दोनों ही महिलाओं से बैंक खाता संख्या मांग लिया। बैंक खाता संख्या लेने के बाद ओटीपी की मांग किया जैसे ही धात्री लाभार्थी महिला ने अपने मोबाइल से ओटीपी बताया वैसे ही महिला संतोषी अजय कावरे के बैंक खाता से फ्रॉड ने 800 रुपए और ज्योति बावने के खाते से 42 सौ रुपए उड़ा लिए।
ज्योति बावने ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। उसे बालाघाट से कॉल आया कि आंगनबाड़ी ऑफिस से बात कर रहा हूं। आपकी छोटी बेटी एक वर्ष दो माह की हो गई उसे पैसे डालना है, तो मैंने कहा कि मैंने कोई फॉर्म नहीं भरा है, तो पैसे कैसे दिया जा रहा है, जिस पर उन्होंने कहा कि नहीं शासन की योजना के तहत आपको लाभ मिलना है। आपका फोन पे नंबर होगा तो दीजिए। हमारे घर में कोई फोन पे नहीं चलाता है, जिस पर मैंने अपनी भांजी का फोन पे नंबर दिया और ओटीपी आने के बाद 42 सौ रुपए से ठगी का शिकार हो गई।
