
अशोकनगर । अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम जिला अशोकनगर विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार पाटीदार की अदालत द्वारा जिले के बहादुरपुर थाना अंतर्गत जमीनी विवाद को लेकर हुई हत्या एवं मारपीट के मामले में चार अभियुक्तों रामवीर सिंह पुत्र तुलसीराम गुर्जर उम्र 22 वर्ष, सीताराम पुत्र तुलसीराम गुर्जर उम्र 30 वर्ष, राजकुमार पुत्र तुलसीराम गुर्जर उम्र 25 वर्ष, बादाम सिंह पुत्र मंगल सिंह गुर्जर उम्र 60 वर्ष सभी निवासी ग्राम बंगला चौराहा थाना बहादुरपुर जिला अशोकनगर को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक पर 3000 रुपए के अर्थ दंड की सजा से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार ग्राम इकोदिया निवासी नाहर सिंह की बुवी हुई जमीन पर रामवीर गुर्जर, सीताराम गुर्जर, राजकुमार गुर्जर एवं बादाम सिंह गुर्जर घटना दिनांक 26 जून 2021 को दोपहर करीब 11 बजे बोनी कर रहे थे। उसने व उसके पिता राजधर चाचा ग्याप्रसाद एवं शिशुपाल ने जाकर उन्हें बोनी करने से मना किया तो चारों लोग अश्लील गालियां देकर बोले की जमीन हमारी है, तुम कौन होते हो हमें बोनी करने से रोकने वाले, उसने गालियां देने से मना किया तो सीताराम ने कुल्हाड़ी की राजधर सिंह को मारी जिससे सिर, दाहिने हाथ की छोटी उंगली एवं शरीर में चोटें आई थी। राजकुमार ने ग्या प्रसाद को कुल्हाड़ी मारी जो सिर व शरीर में जगह-जगह चोटें आई तथा बादाम ने उसे लाठी की मारी जिससे उसके सिर, शरीर में जगह-जगह चोटें आईं। नाहर सिंह की मां बती बाई, चाची सुंदर बाई, बहन ज्योति, भाई धीरज, एवं छोटा भाई समरथ उसे, उसके पिता राजधर एवं चाचा ग्या प्रसाद को बचाने आए तो, चारों अभियुक्त गण ने इसकी भी मारपीट की, जिससे इन्हें भी सिर व शरीर में जगह-जगह चोटें आई। मौके पर गोरेलाल व घसीटा अहिरवार थे, जिन्होंने घटना देखी व बीच-बचाव किया। आहत गण को बहादुरपुर के अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में फरियादी नाहर सिंह ने घटना की देहाती नालिसी लिखाई, जिस पर से आरक्षी केंद्र बहादुरपुर जिला अशोकनगर में अपराध क्रमांक 199/2021 अंतर्गत धारा 294, 323, 307, 34 भा.द.वि. एवं धारा 3(1)(द),3(1)(घ), के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। तहसीलदार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर में आहत ग्या प्रसाद के मृत्यु कालीन कथन लेखबद्ध किए गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर से जिला चिकित्सालय अशोकनगर में रेफर उपचाररत मरीज/मृतक ग्या प्रसाद की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई जिसकी सूचना डॉक्टर द्वारा पुलिस चौकी अस्पताल परिसर अशोक नगर को प्रेषित की गई। आहत ग्या प्रसाद की जिला चिकित्सालय अशोकनगर में इलाज के दौरान मृत्यु हो जाने से एवं आहत गण को अस्ति भंग पाए जाने से धारा 302, 324, 325, 326 भादंवि का इजाफा किया गया। अभियोजन पक्ष की दलीलों,प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय द्वारा अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं अर्थ दंड से दंडित किया गया।
