
लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पत्रकारवार्ता में दी जानकारी
जबलपुर। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने यहां कहा कि उन्होंने हमेशा चुनाव के दौरान शाश्वत विकास की बात कही थी. पिछले एक साल में उन्होंने लोक निर्माण विभाग के दायित्व का निर्वहन करते हुये इस दिशा में प्रयास किया. श्री सिंह ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार में विकास दुगनी गति से हो रहा है. जिले में फ्लाईओवर की विस्तृत श्रृंख्ला का विकास होगा. जिससे शहर का यातायात सुधरेगा. श्री सिंह यहां पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे. पत्रकार वार्ता में सांसद आशीष दुबे, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, विधायक अशोक रोहाणी, विधायक सुशील तिवारी, अभिलाष पांडे, निगमाध्यक्ष रिंकू विज एवं ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल भी उपस्थित थे.
श्री सिंह ने यहां कहा, मैंने जबलपुर के विकास के लिए हमेशा शाश्वत विकास की बात की है और इस दिशा में कार्य कर रहा हूँ। जबलपुर में यातायात, सड़क और फ्लाईओवर की श्रृंखलाओं के निर्माण से शहर के विकास को एक नया आयाम मिलेगा।
जबलपुर में बनेंगी फ्लाईओवर की श्रृंखलाएं..
श्री सिंह ने यहां बताया, जबलपुर में यातायात को व्यवस्थित करने के लिए फ्लाईओवर की श्रृंखलाएं बनाई जा रही हैं, दमोहनाका से मदनमहल तक 1100 करोड़ रुपए लागत का फ्लाईओवर बनकर तैयार हो रहा है. वहीं सगड़ा बायपास पर आरओबी सह फ्लाईओवर (76 करोड़), एम्पायर तिराहा से पेंटीनाका तक फ्लाईओवर (43 करोड़), संजीवनी नगर से ज़ीरो डिग्री तक फ्लाईओवर (180 करोड़) और विक्रमपुर भिटोनी स्टेशन पर आरओबी निर्माण (62 करोड़) शामिल हैं। इन फ्लाईओवरों के निर्माण से जबलपुर के यातायात में सुधार होगा और शहर में आवागमन की सुविधा सुगम हो सकेगी।
चारों तरफ सड़क का जाल….
उन्होंने कहा, जबलपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके तहत शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों का उन्नयन किया जा रहा है, जिनमें जबलपुर से पाटन तक फोरलेन सड़क (25.5 किमी, लागत – 140 करोड़), तिलवारा चरगंवा मार्ग का चौड़ीकरण (6.7 किमी, लागत – 62.77 करोड़), पिपरिया से रांझी मार्ग (7.5 किमी, लागत – 44 करोड़) शामिल हैं। इसके साथ ही, प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच मार्गों का भी उन्नयन किया जा रहा है, जैसे ग्वारीघाट मुक्तिधाम से तिलहरी तक मार्ग (4.6 किमी, लागत – 32 करोड़) और भेड़ाघाट फोरलेन मार्ग (3.35 किमी, लागत – 20 करोड़)। व्हाइट टॉपिंग पद्धति से सड़कों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसमें साईं मंदिर आदर्श नगर से ग्वारीघाट तक (2.5 किमी, लागत – 25 करोड़), रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से इलाहाबाद बैंक चौक तक (3.08 किमी, लागत – 15.51 करोड़), और कटंगा तिरहा से छोटी लाइन फाटक तक (1.5 किमी, लागत – 10 करोड़) प्रमुख हैं, जिनसे शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर और यातायात व्यवस्था मजबूत होगी।
