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जबलपुर। हाई कोर्ट ने एक अपील इस टिप्पणी के साथ निरस्त कर दी कि सरकारी नौकरी के लिए सभी अपेक्षित अर्हताओं की पूर्ति अनिवार्य है। दरअसल, आवेदन के दौरान जीवित रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र न होने के कारण अयोग्य करार दिए जाने के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील दायर की गई थी। अपील में कहा गया था कि शैक्षणिक योग्यता में जीवित रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र नहीं आता है। हाई कोर्ट ने इस तर्क को नकार दिया।
याचिकाकर्ता बड़वानी निवासी जय नारायण कुशवाहा की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि स्वास्थ्य विभाग ने नेत्र सहायक पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। नियुक्ति के लिए अंतिम आवेदन तिथि 13 मार्च, 2017 थी। नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता 12 वीं उत्तीर्ण व मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन प्रमाणीकरण आवश्यक था। योग्यता के अनुसार उसे नियुक्ति प्रदान कर दी गई थी। जिसे अनावेदक विजय कुमार ताम्रकार ने चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने पाया कि आवेदन की अंतिम तिथि तक उसके पास रजिस्ट्रेशन प्रमाणीकरण नहीं था। इस आधार पर हाई कोर्ट ने उसकी नियुक्ति को अयोग्य करार दिया था। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि रजिस्ट्रेशन शैक्षणिक योग्यता नहीं है। आवेदन की अंतिम तिथि से पहले उसने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर दिया था। नियुक्ति के पूर्व उसने रजिस्ट्रेशन प्रमाणीकरण प्रस्तुत कर दिया था। हाई कोर्ट ने अपील को निरस्त करते हुए अपने आदेश में कहा है आवेदन की अंतिम तिथि से पहले विज्ञापन में उल्लेखित सभी अपेक्षित योग्यता होना आवश्यक है।

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