8 राज्यों में से दिल्ली, उत्तरप्रदेश में सर्वाधिक हमले
नई दिल्ली। बीते 3 साल में केंद्र सरकार को अल्पसंख्यकों पर हमलों से संबंधित 140 याचिकाएं मिलीं। यह जानकारी अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराधों का केंद्रीय रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की ओर से प्राप्त याचिकाओं का रिकॉर्ड रखा जाता है। एनसीएम के आंकड़ों के अनुसार 2021-22 में सर्वाधिक 51 याचिकाएं दर्ज की गईं। 2022-23 और 2023-24 में प्रत्येक वर्ष 30 याचिकाएं मिलीं। 2024-25 में अब तक 29 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं। क्षेत्र के हिसाब से देखें तो दिल्ली में सबसे अधिक 34 याचिकाएं मिलीं। उत्तरप्रदेश से 29 याचिकाएं आईं। महाराष्ट्र से 10, मध्यप्रदेश से 8, पश्चिम बंगाल से 7, पंजाब से 7, हरियाणा से 7, केरल से 6 और कर्नाटक 6 याचिकाएं आई हैं। ध्यान देने वाली बात है कि मणिपुर से कोई याचिका प्राप्त नहीं हुई है, जहां इस समय भी जातीय संघर्ष चल रहा है। मणिपुर में 40 फीसदी से अधिक ईसाई आबादी निवास करती है, जबकि यहां पिछले कई वर्षों से खूनी खेल जारी है।
