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सपा सांसद रामगोपाल यादव भड़के, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली। वक्फ बिल इसी सप्ताह सदन में पेश किया जा सकता है। एक तरफ सरकार ने एनडीए के अपने सहयोगियों को साथ लाने की कोशिशें कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी एकजुट हो रहा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और आरजेडी जैसे दलों ने पूरी ताकत के साथ बिल का विरोध का ऐलान किया है। इस बीच सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि यह सरकार देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की योजना पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि जेपीसी में जल्दबाजी में वक्फ बिल की रिपोर्ट पास कराई। विपक्ष को हजारों पन्नों की रिपोर्ट एक दिन में पढ़ने को दी गई है। वहां से जबरदस्ती बिल को पास करा लिया और यहां भी करा लेंगे। रामगोपाल ने कहा कि बीजेपी जब से सत्ता में आई है, तब से उसकी यही कोशिश है कि देश में माहौल खराब किया जाए। उन्होंने मुसलमानों की संपत्ति वक्फ बोर्ड बिल के जरिए छीनने के आरोपों को सही करार दिया। उन्होंने कहा कि यह डर गलत थोड़ी है कि सरकार मुसलमानों की संपत्ति छीन सकती है। उनकी तो जान पर भी खतरा है। पुलिस अभिरक्षा में मारा जा रहा है और उनकी संपत्तियों को हड़पा जा रहा है। इसलिए यदि वक्फ बिल को लेकर उनके मन में कोई डर है तो यह सही है।
वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमने जेपीसी में अपनी ओर से सारे ऐतराज जता दिए थे, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। अब हम संसद में भी पुरजोर विरोध करेंगे। शिवसेना उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तो दावा किया है कि सरकार इस बिल को पारित नहीं करा पाएगी। उन्होंने कहा कि टीडीपी, जेडीयू और चिराग पासवान की पार्टियां इस बिल का समर्थन नहीं करेंगी। प्रियंका ने कहा कि मुझे लगता है कि अमेरिका की ओर से टैरिफ लागू हो सकता है। इससे कारोबार पर असर होगा। फार्मा सेक्टर समेत कई उद्योगों ने सरकार से अपील की है कि वह अमेरिका से बात करे। इतने अहम मुद्दे से शायद ध्यान भटकाने के लिए सरकार वक्फ बिल लाना चाहती है। उनका उद्देश्य यही है कि इस बिल के नाम पर जनता का ध्यान भटका दिया जाए। फिर भी बिल की ही बात है तो जेडीयू, टीडीपी और चिराग पासवान इस बिल के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि हर रविवार को किरेन रिजिजू कहते हैं कि इस वीक हम बिल लेकर आएंगे। कई महीनों से ऐसा हो रहा है, लेकिन अब तक बिल तो संसद में नहीं आया है।

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