विगत वर्षो में पंजीयन/उपार्जन में अत्यधिक त्रुटि करने वाले आपरेटर की सेवायें भी नहीं ली जायेंगी

दमोह : कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा है रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर अरहर उपार्जन हेतु कृषकों के पंजीयन 28 मार्च से 25 अप्रैल 2025 तक किये जायेगे। जिले में कृषकों के पंजीयन हेतु जिला उपार्जन समिति की बैठक लिये गये निर्णयानुसार पूर्व में चना, मसूर, सरसों एवं गेंहू में बनाए गए पंजीयन केन्द्रो में ही अरहर उपार्जन के पंजीयन किए जायेगें।
उन्होंने कहा अरहर उपार्जन कार्य के लिये 68 पंजीयन केन्द्र निर्धारित किये है। जिले की तहसील जबेरा अंतर्गत सेवा सहकारी समिति जबेरा, कोरता, पोडीमानगढ़, सिंग्रामपुर, घानामैली क्रं. 02, मौसीपुरा, रौंड्, बनवार, धाना मैली क्रं. 01, पटनामानगढ़ प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति खमरिया बिजौरा, तहसील तेन्दूखेड़ा अंतर्गत सेवा सहकारी समिति तेन्दूखेड़ा, सांगा, झलोन, तेजगढ़, तारादेही, समनापुर, सर्रा, माड़नखेड़ा, पुरा करोंदी, तहसील दमोह अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मारूताल/ हिरदेपुर, सेवा सहकारी समिति खिरिया मड़ला, बांसातारखेड़ा, हिण्डोरिया, बांदकपुर, अर्थखेड़ा, लकलका इमलियाघाट, अभाना, भूरी, गुंजी नौनपानी, टिकरी पिपरिया, खजरी, बालाकोट, तहसील पटेरा अंतर्गत सेवा सहकारी समिति पटेरा, कुम्हारी, पटेरिया, लुहारी, देवडोंगरा, कुण्डलपुर, पिपरिया शिकारपुरा, तहसील पथरिया अंतर्गत सेवा सहकारी समिति पथरिया, बांसाकला, पिपरिया चंपत, सूखा, किन्द्राहो, बोतराई, सरखड़ी, खेजराकला, चिरौला, जेरठ, बकेनी, बरधारी, केवलारी, सतपारा, तहसील बटियागढ़ अंतर्गत सेवा सहकारी समिति बटियागढ़, बकायन, खड़ेरी, केरबना, मगरोन, फतेहपुर, निबोराकला, फुटेराकला तथा तहसील हटा अंतर्गत सेवा सहकारी समिति रसीलपुर, गैसाबाद, मडियादो,भैंसा, हिनौता कलॉ, देवरी फतेहपुर शामिल है।
उन्होंने कहा रबी विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीयन व्यवस्था में शासन द्वारा संशोधन कर कृषकों की सुविधा की दृष्टि से समितियों के अतिरिक्त केन्द्रों पर भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है। पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था के तहत शुल्क राशि 50 रूपये, ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र पर एमपी ऑनलाईन कियोस्क के माध्यम से ,जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क के माध्यम से, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से, सहकारी समितियों द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साईबर कैफे के माध्यम से पंजीयन सुविधा एवं एम. पी. किसान एप के माध्यम से पंजीयन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा है एमपी ऑनलाईन, कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोकसेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साईबर कैफे पर पंजीयन सुविधा एवं शुल्क राशि के संबंध में आवश्यक बैनर प्रदर्शित किये जावेगे । उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन करने के लिये निर्धारित प्रपत्र में आवेदन, समग्र सदस्य आई.डी., भू-अधिकार पुस्तिका, खसरा, वनाधिकार पट्टा की प्रति, आधार की प्रति, मोबाईल नंबर की जानकारी खसरा, बैंक एकाउन्ट, मोबाईल नंबर आधार से लिंक होना अनिवार्य है। किसान पंजीयन के लिये भूमि संबंधी दस्तावेज एवं किसान के आधार एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति स्तर पर स्थापित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। उक्त श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों के सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जावेगा। इस वर्ष पंजीयन व्यवस्था में संशोधन किया गया है, जिसमें किसान पंजीयन कराने एवं फसल बेचने के लिये किसान का आधार नंबर का सत्यापन मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जावेगा। पूर्व के वर्षों की किसी अपात्र संस्था के केन्द्र प्रभारी एवं आपरेटर को किसी अन्य संस्था में पंजीयन कार्य हेतु नहीं रखा जायेगा। उन्होंने कहा है पूर्व विगत वर्षों में पंजीयन/उपार्जन में अत्यधिक त्रुटि करने वाले आपरेटर की सेवायें भी नहीं ली जावेगी ।
