
अवमानना मामले में हाईकोर्ट सख्त, अगली सुनवाई 28 को
जबलपुर। सीज प्रापर्टी की निलामी के मामलें में हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने के मामलें में दायर याचिका पर हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ ने भोपाल के कलेक्टर की ओर से कोई जानकारी पेश न किए जाने के रवैये पर सख्त नाराजगी दिखाई| कोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को जानकारी पेश करने व्यक्ति रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की है।
भोपाल निवासी अधिवक्ता अरविंद वर्मा की ओर से दायर और अवमानना याचिका में कहा गया है कि रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण मध्य प्रदेश ने बिल्डर के विरुद्ध कलेक्टर भोपाल के माध्यम से लगभग 20 लाख रूपये प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत ब्याज के साथ आरसीसी साल 2020 में जारी की गई थी। कलेक्टर द्वारा जारी आरआरसी का निष्पादन नहीं किए जाने के विरुद्ध हाई कोर्ट की शरण ली गई थी। हाई कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए 60 दिनों में आरआरसी के निष्पादन के आदेश भोपाल कलेक्टर को दिए थे। निर्धारित समयावधि में आरआरसी का निष्पादन न होने पर अवमानना याचिका दायर की गई थी। जिस पर न्यायालय ने तीस दिनों की मोहलत देते हुए स्पष्ट किया था कि याचिकाकर्ता को दूसरी अवमानना याचिका दायर न करना पड़े। न्यायालय की स्पष्ट चेतावनी के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया, जिस पर न्यायालय ने आदेश का पालन न होने पर कलेक्टर को तलब किया था। मामले की पिछली सुनवाई पर कलेक्टर की ओर से कहा गया था कि बिल्डर की प्रापर्टी सीज कर नीलाम किया जा रहा है, नीलामी की राशि से याचिकाकर्ता को भुगतान किया जाएगा। जिस पर न्यायालय ने नीलामी प्रकिया की से न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कलेक्टर की ओर से कोई जानकारी न्यायालय के समक्ष पेश नहीं की गई। जिसे गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होकर जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ध्रुव वर्मा व कपिल दुग्गल ने पक्ष रखा।
