हाई रिस्क मामलों पर विशेष ध्यान

दमोह : सिविल अस्पताल हटा में बुधवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत 144 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संगीता त्रिवेदी ने हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की गहन जांच की और जरूरत पड़ने पर सोनोग्राफी भी की।

इस अभियान की सबसे खास बात रही ‘पोषण पोटली’ का वितरण, जो अब मातृत्व अभियान की पहचान बनता जा रहा है। पोषण पोटली में प्रोटीन युक्त आहार के साथ काउंटर पर सुपोषण संबंधी जानकारी और स्वास्थ्य शिक्षा भी शामिल है। यह पहल सिविल अस्पताल द्वारा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से चलाई जा रही है, जिसमें स्थानीय नागरिक भी स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि जांच के दौरान कई महिलाओं में एनीमिया पाया गया,जिन्हें तत्काल आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन दिए गए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और समय रहते इलाज ही सुरक्षित प्रसव की दिशा में पहला कदम है।
हर माह की 9 और 25 तारीख को आयोजित होने वाले इस अभियान में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सभी आवश्यक जांचें निशुल्क की जाती हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि ‘पोषण पोटली’ पहल से न सिर्फ गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार मिल रहा है, बल्कि इससे समुदाय में गर्भवती महिलाओं के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता भी बढ़ी है।
सिविल अस्पताल के सीबीएमओ डॉ उमाशंकर पटेल कहते हैं कि हमारा संदेश स्पष्ट है-सुरक्षित मातृत्व के लिए चिकित्सकीय देखरेख के साथ-साथ स्वास्थ्य में जन-समुदाय की सक्रिय सहभागिता जरूरी है और इसी से हम हटा में अवाइडेबल मातृ मृत्यु को रोक पायेंगे।
