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गर्भधारण एक सुखद यात्रा, स्वास्थ्यपूर्ण बनाने पीएमएसएमए के तहत विशेषज्ञ द्वारा दी गई निःशुल्क सेवा

दमोह: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि गर्भधारण एक सुखद यात्रा है। इसे स्वास्थ्यपूर्ण बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम के तहत् स्त्री रोग विशेषज्ञ/स्किल लैब प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा जिला अस्पताल दमोह, सिविल अस्पताल हटा सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेष स्वास्थ जांच क्लीनिक लगाये गये। क्लीनिक दौरान पूर्व से तैयार की गई सूची में शामिल चिन्हित जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की फॉलोअप जांच और क्षेत्र अंतर्गत ऐसी गर्भवती महिलाएं जिनका पंजीयन नहीं हो पाया है, अथवा जो पलायन के कारण पहली बार या लंबे समय बाद जांच के लिए आ रही है। ऐसी सभी 577 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य जांच-नैदानिक परीक्षण कर विशेषज्ञों द्वारा समुचित उपचार सेवा दी गई। सभी गर्भवती को अनीमिया से बचाव में उपयोगी आयरन टेबलेट एवं गर्भावस्था दौरान रक्तचाप को नियंत्रित करने और जच्चा-बच्चा की हड्डियों को मजबूत बनाने में बेहद उपयोगी कैल्शियम टैबलेट का निःशुल्क वितरण किया गया। मॅाडरेट एनीमिक महिलाओं को आयरन सुक्रोज भी लगाये गये।

            विशेष स्वास्थ जांच क्लीनिक मे पहॅुची गर्भवती महिलाओ को पोषण, स्तनपान, परिवार को नियोजित करने स्थायी-अस्थायी साधनो के बारे मे परामर्श भी दिया गया। गर्भावधि दौरान डायबिटीज की शीघ्र पहचान के लिए जी.डी.एम. परीक्षण किया गया। इसके अलावा ब्लडग्रुप, रक्त-पेशाब जांच, मलेरिया, टी.बी., हिपेटाईटिस, एचआईव्ही जांच और चिकित्सक सलाह अनुसार अन्य आवश्यक नैदानिक जांच भी की गई। क्लीनिक दौरान स्वास्थ्य लाभ लेने पहुची सभी गर्भवती महिलाओं की सुविधा का भी खास-ख्याल रखा गया। गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच-परीक्षण के लिए पृथक से ओ.पी.डी.,  सुविधापूर्ण बैठक, पेयजल एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था भी बनाई गई।

एनीमिया से बचाव में उपयोगी गुड और चना मिश्रित पोषण पोटली का वितरण सिविल अस्पताल हटा में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता त्रिवेदी ने 114 महिलाओं का स्वास्थ्य जांच कर समुचित उपचार दिया गया। स्वास्थ्य लाभ लेने पहॅुची सभी गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाव में उपयोगी गुड और चना मिश्रित पोषण पोटली का वितरण डॉ. त्रिवेदी एवं सी.बी.एम.ओ. हटा द्वारा किया गया। स्वास्थ्य जांच क्लीनिक दौरान स्वास्थ्य जोखिम वाली 10 महिलाओं की सोनोग्राफी, एनीमिक पाई गई 08 महिलाओं में से 05 को आयरन सुक्रोज इंजेक्शन और 3 महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन भी लगाये गये।

            जिला चिकित्सालय दमोह में डॉ. सीमा पटेल ने 80 गर्भवती महिलाऐं स्वास्थ्य जांच-उपचार सेवा दी गई। जांच दौरान 23 जोखिम वाली महिलाओं की पहचान की गई। गर्भावस्था दौरान 5 डायबिटिक महिलाओं की पहचान कर समुचित उपचार सेवा दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बटियागढ़ में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रद्धा गंगेले ने 93 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। मॉडरेट एनीमिक 6 महिलाओं को एफसीएम लगाया गया। पथरिया में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका छाबड़ा ने 55 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। मॉडरेट एनीमिक 7 गर्भवती को आयरन सुक्रोज लगाये गये। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दमोह में डॉ. मिताली हैरिसन ने 13, हिण्डोरिया में स्किल लैब प्रशिक्षित डॉ ज्योति ने 40 एवं पटेरा में डॉ. हर्षिता पंथी ने 93 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जबेरा में डॉ. पूर्वशी राय ने 50 महिलाओं का स्वास्थ्य जांच की गई।  8 मॉडरेट एनीमिक महिलाओं को आयरन सुक्रोज लगाया गया। तेन्दूखेड़ा में डॉ. प्रियंका शर्मा ने 39 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर समुचित उपचार सेवा दी गई।

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