Spread the love

दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी पति को जमानत देने से किया इनकार
नई दिल्ली। लंबे समय तक दहेज के लिए प्रताड़ित होने के बाद मायके में खुदकुशी करने से जुड़े मामले में आरोपी पति को राहत देने से दिल्ली हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की पीठ ने कहा कि ससुराल के बजाय मृतक महिला ने अपने मायके में खुदकुशी करने का मतलब यह नहीं है कि दहेज हत्या का मामला नहीं बनता है।
कोर्ट ने कहा कि विवाह के अस्तित्व और इसके बाद के घटनाक्रम को ध्यान में रखना होगा, न कि उस स्थान को जहां पर पीड़िता ने खुदकुशी की है। कोर्ट ने उक्त टिप्पणी करते हुए दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को जमानत देने से इनकार कर दिया। मृतक महिला के पिता ने दामाद, उसके माता-पिता और बहनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
मृतक महिला के पति ने तर्क दिया कि मृतक को उसके मायके ले जाने और खुदकुशी करने के दौरान दहेज की मांग नहीं की गई थी। यह भी कहा कि कोर्ट के सामने ऐसी कोई सामग्री पेश नहीं की गई जिससे स्पष्ट हो कि मृत्यु से ठीक पहले पीड़िता को क्रूरता या दहेज उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। हालांकि, कोर्ट ने आरोपी पति के सभी तर्कों को खारिज कर दिया। अब तक मामले में कुल 40 गवाहों में से छह से पूछताछ हो चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *