सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई न्याय दृष्टांतों का हवाला दिया

इन्दौर। सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद क्षतिपूर्ति मामले में सुनवाई करते जिला कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को 1.14 करोड़ रुपए मुआवजा पीड़ित पक्ष को भुगतान के आदेश दिये है। घटना 17 जनवरी 2023 की रात 8 बजे इंदौर-खंडवा रोड, बलवाड़ा के पास की है और सड़क दुर्घटना में मृतक का नाम गणेश सोलंकी है वह अपने मामा के यहां आयोजित शादी में शामिल होने के लिए बाइक पर सवार होकर महू गांलव जा रहा था। तभी सामने से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक उसे जोरदार टक्कर मारते निकल गया। टक्कर के बाद ट्रक के पिछले पहिए की चपेट में आये गणेश की मौके पर ही मौत हो गई। वह पीथमपुर स्थित एक कंपनी में सीनियर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था तथा उसकी सैलरी 48 हजार रुपए प्रति माह थी। उसके परिवार में पत्नी आरती, बेटी तनुजा उम्र आठ साल, बेटा निर्मल उम्र छ साल, मां आशा और पिता रूपसिंह थे और ये सभी पूर्णरूपेण उसी पर निर्भर थे। गणेश की मृत्यु के बाद आश्रित परिवारजनों ने अपने वकील के माध्यम से 7 फरवरी 2023 को जिला कोर्ट में याचिका दायर करते ट्रक ड्राइवर मोहम्मद फारुख ताहिर, निवासी अकोला और द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से 2 करोड़ रुपए का क्लेम दिलाने की मांग की। याचिका सुनवाई दौरान याचिकाकर्ताओं की और से वकील गोविंद आर. मीणा ने पैरवी करते सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई न्याय दृष्टांतों का हवाला दिया। उन्होंने तर्क दिया कि दुर्घटना का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य वह वाहन चालक होता है जो दुर्घटना में शामिल होता है। इस केस में ट्रक ड्राइवर की लापरवाही साबित हुई, लेकिन उसका परीक्षण ही नहीं कराया गया, जिससे उसके विरुद्ध प्रतिकूल अनुमान निकाला जा सकता है। वहीं मामले में दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार ने बताया कि कर्मचारी ट्रक ड्राइवर की लापरवाही के कारण ट्रक के पिछले पहिए की चपेट में आ गया था। उसने यह घटना अपनी आंखों से देखी थी। हालांकि प्रत्यक्षदर्शी के बयान पर इंश्योरेंस कंपनी के वकील ने आपत्ति ली जिसे कोर्ट ने खारिज करते इंश्योरेंस कंपनी को मृतक गणेश के परिजनों को ब्याज समेत कुल 1.14 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया।
