
परिजनों ने गांव के युवक पर लगाया हत्या का आरोप, अस्पताल चौराह पर किया चक्काजाम
अशोकनगर। कृषि उपज मंडी से अनाज बेचकर लौट रहे 35 साल के किसान मोनू अहिरवार और उनकी 8 साल की बेटी आयुषी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने घटना पर शक जताते हुए गांव के ही दिनेश रघुवंशी पर संदेह जताया है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने दिनेश पर हत्या का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल के बाहर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान देहात थाना प्रभारी रवि प्रताप चौहान और कोतवाली थाना प्रभारी मनीष शर्मा मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, ग्राम लिधौरा निवासी मोनू का ट्रैक्टर-ट्रॉली शुक्रवार देर रात भैंसरवास गांव के पास 20 फीट गहरी खाई में पलटा हुआ मिला। पास में ही पिता-पुत्री के शव पड़े थे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि गांव के दिनेश रघुवंशी ने मोनू को फोन कर क्रेशर से गिट्टी ले जाने को कहा था। इसके बाद से मोनू का कोई संपर्क नहीं हो सका और दिनेश फरार हो गया।
पुलिस के आश्वासन के बाद माने परिजन:
पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपी युवक को बुलाया जाएगा। अगर वह नहीं आता है तो उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद परिजन थाने से चले गए। उधर दोनों मृतकों का पोस्टमॉर्टम करने के बाद डेड बॉडी परिजन लेकर चले गये। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
