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अशोकनगर । जिले में रेत, शराब का पहले से ही अवैध व्यापार हो रहा था। अब लकड़ी भी सामने आने लगी है। वन विभाग के अमले ने बबूल और सफेदा की लकड़ी भरे हुए ट्रक को पकड़ा है। यह लकड़ी महिदपुर गांव के पास से पकड़ी गई है।
वन परीक्षेत्र अधिकारी आकाश साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को सूचना प्राप्त हुई थी कि महिदपुर गांव के समीप अवैध लकड़ी से भरा ट्रक खड़ा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम गठित की गई, जिसमें उप वन परिक्षेत्र अधिकारी सचिन शर्मा, बीट प्रभारी राघवेंद्र रघुवंशी, वनपाल धर्मेंद्र सिंह, वनरक्षक अंशुल पटेल, राजकुमार शर्मा, अखंड प्रताप सिंह और महेश जाटव शामिल थे। टीम ने शनिवार शाम करीब 7.30 बजे मौके पर पहुंचकर ट्रक की जांच की। ट्रक चालक परमानंद धाकड़, निवासी पोहरी से जब लकड़ी के वैधानिक दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर वन विभाग ने ट्रक क्रमांक आरजे 14 जीएल 5904 को जप्त कर लिया। जांच के दौरान ट्रक में बबूल की लकड़ी तिरपाल बांधकर छिपाई गई थी, जिसे हटाकर देखा गया। पूछताछ में चालक ने बताया कि ट्रक ग्वालियर निवासी अक्षय मोंगिया का है और वह पिछले 13 वर्षों से यह ट्रक चला रहा है। वन विभाग ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तिरपाल में छुपा कर करते थे लकड़ी की तस्करी:
वन विभाग ने बताया कि लकड़ी की तस्करी करने वाले लोगों द्वारा सटीक तरीके से ट्रक में लकडिय़ों को जमा कर उन पर तिरपाल बांध कर ले जाया जाता है। जिससे कि किसी को भनक न लगे लेकिन मुखबिर की सूचना पर वन विभाग ने इन्हें पकड़ लिया।
लगातार हो रही तस्करी:
सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र के जंगलों में लम्बे समय से अवैध लकडिय़ों का कटान कर तस्करी का सिलसिला चल रहा है। पूर्व में भी कई ट्रक लड़कियां काटकर अवैध रूप से बाहर भेजी जा चुकी हैं। उक्त ट्रक भी लकडिय़ां भरकर जयपुर ले जा रहा था। ये लकडिय़ां अधिकतर जयपुर, लालसोट तथा जोधपुर तक तस्कर होती है। जहां पर लगी हुई बड़ी फैक्ट्रियों में फर्नीचर व प्लाई बनाने के काम में ली जाती है।
अवैध रुप से चल रही आरा मशीन:
जिले में दर्जनों आरा मशीन अवैध रुप से चल रही हैं। इन आरा मशीनों पर जिला प्रशासन अंकुश नहीं लगा पा रहा है। सूत्रों की माने तो कई अधिकारी तो इन आरा मशीन संचालकों को संरक्षण दिए हैं। वन विभाग के कर्मचारी भी एक-दो गाडिय़ां पकडक़र वाहवाही लूट लेते हैं। लेकिन विभागीय स्तर पर इस प्रकार के अवैध कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में अबतक कोई ठोस करवाई नहीं की गई, लिहाजा उन लोगों का हौसले बुलंद है।
काटे जा रहे हरे-भरे पेड़:
जिले में हरे-भरे पेड़ों को धड़ल्ले से काटा जा रहा है। इन पेड़ों को काटने के बाद उसकी लकड़ी को इन अवैध आरा मशीनों के यहां ले जाया जाता है। वहां इसको काटकर माफिया बेच रहे हैं। वन विभाग भी इस मामले में पूरी तरह सुस्त है। अगर जिले में फल-फूल रही इन अवैध आरा मशीनों पर कार्यवाही की जाए तो हरे-भरे पेड़ों को काटने से बचाया जा सकता है।

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