दमोह। मिशन अस्पताल में बुधवार दोपहर एंबुलेंस ड्राइवर नसीम मंसूरी ने जहर खा लिया। मंसूरी का आरोप है कि अस्पताल की मैनेजर पुष्पा खरे ने उन्हें शराब की पेटी लाकर पूर्व मैनेजर संजीव लैंबर्ट को देने कहा। मना करने पर उन्हें एंबुलेंस चोरी का झूठा केस दर्ज करने की धमकी दी। मंसूरी का कहना है कि मंगलवार को पुष्पा खरे, दिलीप खरे और क्षितिज ने उन्हें शराब लाने के लिए कहा। मना करने पर धमकी दी। कोतवाली में शिकायत करने गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मंसूरी ने यह भी बताया कि दो साल से मैनेजमेंट उन्हें प्रताड़ित कर रहा है।सूत्रों के अनुसार, मंसूरी को दो महीने से वेतन भी नहीं मिला। उसकी मांग करने पर भी उसे धमकाया गया। मिशन अस्पताल के लीगल एडवाइजर धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि पीड़ित का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले की जांच की जाएगी। गौरतलब है कि पूर्व मैनेजर संजीव लैंबर्ट पर पहले से ही फर्जी डॉक्टर के मामले में एफआईआर दर्ज है।

