
ग्वालियर। पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत की चुनाव याचिका पर अगली सुनवाई 5 मई को होगी। उन्होंने विजयपुर विधायक मुकेश मलहोत्रा के निर्वाचन को निरस्त करने और उन्हें विजेता घोषित करने की मांग की है। वर्तमान विधायक मलहोत्रा ने याचिका निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था, लेकिन हाई कोर्ट ने उनका ही आवेदन निरस्त कर दिया।
हाई कोर्ट ने भारतीय निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में दिए गए निर्देशों का हवाला देकर कहा कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्टभूमि को जानना प्रत्येक मतदाता का मौलिक अधिकार है। आयोग बार-बार इस बात को दोहराता है कि प्रत्याशी संपूर्ण आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी दें, ताकि उस विधानसभा में रहने वाले प्रत्येक मतदाता को इसकी जानकारी मिल सके।
आठ बार के विधायक रावत गत वर्ष हुए विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मलहोत्रा से पराजित हुए थे। अब उन्होंने कांग्रेस विधायक पर चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाने का आरोप लगाकर निर्वाचन निरस्त करने की मांग की है।
