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मोहन सरकार ने ‘अनुकंपा’ नाम से तैयार किया पोर्टल
भोपाल । मप्र में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आश्रित परिवारों को सरकारी विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाए और आश्रित को भटकना न पड़े इसके लिए राज्य शासन द्वारा एक नया ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। इसके जरिए आश्रितों को जल्द से जल्द अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिल सकेगा। इस पोर्टल में हर जिले के अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को अपलोड किया जाएगा। साथ ही पोर्टल पर विभागों में खाली पदों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस विभाग में कितने पद खाली हैं, जहां अनुकंपा नियुक्ति की जा सकती है।
सरकार की नई व्यवस्था से अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी 100 फीसद प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। इस पर परिजनों द्वारा आवेदन से लेकर सुनवाई और पात्रता पूरी करने वाले परिवार के सदस्य को नियुक्ति आदेश सब कुछ ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। अब मृत शासकीय सेवकों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने से जुड़े मामलों में बाबू हो या अफसर, कोई भी अड़ंगे नहीं लगा पाएंगे। यदि तय अवधि के बाद फाइलें रोकी तो उसे कार्रवाई के दायरे में लिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एमपीएसईडीसी ने अनुकंपा नियुक्ति संबंधी ऑनलाइन पोर्टल बना दिया है। सभी अपर मुख्य सचिव, मुख्य सचिव, सचिव, उप सचिव और विभाग प्रमुखों को इसकी सूचना भी दी है। यही नहीं, इस पोर्टल को उपयोग करने संबंधी प्रशिक्षण भी दे दिया है। फिलहाल यह प्रशिक्षण विभाग प्रमुखों को दिया है।
पोर्टल से समस्या होगी दूर
प्रदेश में अभी अनुकंपा नियुक्ति के सभी आवेदन ऑफलाइन मंगाए जाते हैं। लेकिन अब राज्य सरकार अनुकंपा के सभी आवेदन ऑनलाइन ही बुलाएगी। इसके लिए मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग ने अनुकंपा नाम से एक पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को पत्र भेजकर इस पोर्टल के बारे में जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को पारदर्शी और समय सीमा में निराकरण करने के लिए इस पोर्टल को तैयार किया गया है। आवेदकों का निराकरण, जांच और सत्यापन कर इसका निराकरण किया जा सकेगा। सामान्य प्रशासन विभाग का कहना है कि उक्त पोर्टल पर अभी कुछ काम बाकी है, जो अगले सप्ताह तक पूरे कर लिए जाएंगे। फिर इसे ऑनलाइन सर्विस से जोड़ दिया जाएगा, जो आम लोगों को दिखाई देने लगेगा। जिसके बाद उस पर ऑनलाइन आवेदन अपलोड किए जा सकेंगे। ये आवेदन संबंधित विभाग के अनुकंपा शाखा प्रभारी के पास जाएंगे, जो आवेदन व उसमें शामिल दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच करेंगे और सही पाए जाने पर विभाग प्रमुख की ओर बढ़ाएंगे।
आउटसोर्स कर्मियों को अनुकंपा नियुक्ति की मांग
प्रदेश के अंदर बड़ी संख्या में स्थाई व आउटसोर्स कर्मी कार्यरत हैं। अस्थाई कर्मी पूर्व में दैनिक वेतन भोगी कहलाते थे। ये 40 से 50 वर्षों से कार्यरत है। निर्माण विभागों में कार्यरत जो कर्मचारी कोर्ट की शरण में गए थे उन्हें तो नियमित मान लिया, अनुकंपा नियुक्ति भी दे रहे लेकिन बाकी के विभागों में कार्यरत स्थाई कर्मियों की सुनवाई नहीं हो रही। स्वास्थ्य जैसे विभागों व बिजली कंपनियों में लगभग पूरा काम ही आउटसोर्स के भरोसे है लेकिन इन्हें भी नियमित की तरह से सुविधा व अनुकंपा नियुक्ति जैसे लाभ नहीं दिए जा रहे। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है कि जो सरकार के लिए जनता के काम कर रहे हैं, कम से कम उनके लिए अनुकंपा नियुक्ति जैसे लाभ मिलने ही चाहिए। जिससे उनके परिवार को भी सुरक्षा मिल सके। अनुकंपा से जुड़े आवेदनों की सुनवाई नहीं होना एक बड़ी समस्या रही है। कर्मचारी कल्याण आयोग के पूर्व सदस्य वीरेंद्र खोंगल का कहना है कि ऐसे 5 से 10 हजार आवेदन हैं, जो बीते 20 सालों में आए। इन पर कार्रवाई का आवेदकों को पता ही नहीं चला। इस नई व्यवस्था से लोगों को राहत मिलेगी। वहीं मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र शर्मा का कहना है कि जितनी जल्दी हो. पोर्टल शुरू होना चाहिए, ताकि बहुत कुछ खामियां नए सिरे से सामने आ सकें।

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