कांग्रेस नेताओं ने फर्जी जातिप्रमाण पत्र को लेकर सिस्टम पर उठाए सवाल
जबलपुर। नगर निगम जबलपुर के वार्ड क्रमांक 24 (हनुमानताल) से भाजपा की पार्षद कविता रैकवार का निर्वाचन फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर रद्द कर दिया गया है। इस फैसले के बाद जबलपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इस मामले में हमलावर है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने मांग की है कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के मामले में न केवल कविता रैकवार पर, बल्कि इस पूरे षड्यंत्र में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदारों पर भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं मांग की गई है की दूसरे नम्बर पर आई प्रत्याशी को पार्षद घोषित किया जाए. इस दौरान वरिष्ठ विधायक लखन घनघोरिया, नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा, विधायक विनय सक्सेना सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे।
विधायक लखन घनघोरिया ने कहा, यह सिर्फ एक व्यक्ति की धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि एक पूरे तंत्र की विफलता है। इसमें शामिल सभी को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने कहा, यह भाजपा की नीति और नियत दोनों का प्रत्यक्ष उदाहरण है की चुनाव जीतने के लिये किसी भी हदतक जाने को तैयार है. उन्होंने कहा यह निर्णय पहले होना चाहिये था, लेकिन भाजपा नेताओं के दबाव में मामला टलता गया. यदि समय पर ले लिया गया होता, तो जनता के साथ धोखा नहीं होता।
वहीं, हनुमानताल वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी रहीं राखी सराफ ने कहा कि वह जनसेवा की भावना से चुनाव लड़ी थीं और अब जब असली सच सामने आ गया है, तो उन्हें पार्षद पद सौंपा जाना न्यायसंगत होगा।
क्या होगा आगे…
अब जब वार्ड क्रमांक 24 की सीट रिक्त हो गई है, चुनाव आयोग जल्द ही उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगा। हालांकि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि उपचुनाव की आवश्यकता नहीं है और दूसरे नंबर पर रही उनकी प्रत्याशी को ही पार्षद पद की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
फर्जी था प्रमाण पत्र…
नगर अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कविता रैकवार ने पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के लिए 10 नवंबर 2020 को जो जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था, वह फर्जी था। लम्बी लड़ाई के बाद समिति की रिपोर्ट के आधार पर कविता रैकवार को नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 19(2) के तहत आगामी पांच वर्षों तक अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
संभागायुक्त ने की कार्यवाही….
गौरतलब है की हनुमानताल वार्ड की पार्षद कविता रैकवार द्वारा फर्जी प्रमाण लगाकर आरक्षित वार्ड से चुनाव लड़ने का मामला लम्बे समय से चल रहा था. लम्बी जांच और कार्यवाही के बाद जबलपुर के संभागायुक्त अभय वर्मा ने अपने रिटायरमेंट से एक दिन पहले, 29 अप्रैल को भाजपा पार्षद का निर्वाचन रद्द कर दिया और दोबारा चुनाव प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश दिये थे.
सुनील साहू / शहबाज / 02 मई 2025/ 05.21
