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गुना | पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के निर्देशन में गुना जिले में गुमशुदा व अपहृत नाबालिगों की दस्तयाबी हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2012 से लापता युवक राजेश लोधा को विजयपुर थाना पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार से दस्तयाब कर उसके परिजनों से मिलाया है। युवक की बरामदगी पर एसपी कार्यालय से घोषित 5,000 के इनाम की घोषणा की गई थी। मामला विजयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पाडऱखेड़ी का है, जहां से 14 वर्षीय राजेश लोधा 19 दिसंबर 2012 को घर से बिना बताए चला गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर बाद में अपहरण की धारा 363 भादवि के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों में उसकी तलाश की जाती रही, पर सफलता नहीं मिल पाई।
नवागत पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी द्वारा पुराने लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एसडीओपी राघौगढ़ दीपा डोडवे को निर्देशित किया गया। उनके नेतृत्व में विजयपुर थाना प्रभारी कृपाल सिंह परिहार व उनकी टीम ने विशेष प्रयास शुरू किए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। एक खास सूचना पर हरिद्वार भेजी गई टीम ने राजेश को हरिगंगा होटल में काम करते हुए तलाश लिया। पूछताछ में राजेश ने बताया कि वह पढ़ाई में कमजोर था, जिससे नाराज होकर पिता डांटा करते थे। इसी से आहत होकर वह घर से भाग गया और हरिद्वार में रहकर होटलों में काम कर जीवन यापन करता रहा। दस्तयाबी के समय उसकी उम्र 27 वर्ष हो चुकी है। पुलिस द्वारा जब युवक को उसके परिजनों से मिलाया गया तो 12 वर्षों बाद अपने बेटे को देखकर वृद्ध माता-पिता भावुक हो उठे। उन्होंने पुलिस की सराहना करते हुए इसे भगवान राम के 14 वर्षों बाद लौटने जैसा अनुभव बताया और गुना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस महत्वपूर्ण कार्य में एसडीओपी दीपा डोडवे, विजयपुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार, सउनि हरिचरण मीणा, आरक्षक अनिल धाकड़ व आरक्षक जगदीश सिंह तोमर की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

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