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अधिकार क्षेत्र से बाहर जा सर्च वारंट किया था जारी
इन्दौर। उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जा सर्च वारंट जारी करने वाले राऊ के एसडीएम पर 5 हजार की कॉस्ट लगा उनके द्वारा जारी सर्च वारंट भी निरस्त कर दिया। कॉस्ट की यह राशि एक माह में हाईकोर्ट एम्प्लाइज यूनियन के बैंक खाते में जमा करनी होगी। एसडीएम द्वारा पत्नी के आवेदन पर उसके बेटे जो कि उससे अलग रह रहे उसके पति की लीगल कस्टडी में उसके साथ रह रहा है के लिए सर्च वारंट जारी किया गया था। जिसके विरुद्ध एडवोकेट दीप्तांशु शुक्ला द्वारा हाईकोर्ट में पति की और से याचिका दायर की गई और सुनवाई दौरान शीर्ष कोर्ट के अनेक न्याय दृष्टांत पेश करते हुए कहा गया था कि उक्त सर्च वारंट गलत ढंग से जारी किया गया है। याचिका विवरण संक्षेप में इस प्रकार है कि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर एक दम्पति के बीच विवाद के चलते दोनों अलग अलग रह रहे हैं और कोर्ट में मामला विचाराधीन है। पति राजस्थान के कोटा में जबकि पत्नी इंदौर में रह रही है। इनका एक दस वर्षीय पुत्र जो कि पिता की लीगल कस्टडी में है। पुत्र को लेकर पत्नी की ओर से दिए गए आवेदन पर एसडीएम ने उक्त सर्च वारंट जारी कर दिया था। जिसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका सुनवाई उपरांत कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एसडीएम द्वारा जानबूझकर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह सर्च वारंट जारी किया गया।

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