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वेटरनरी यूनिवर्सिटी जबलपुर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम
जबलपुर। ढ़ीमरखेड़ा विकासखंड के ग्राम कोसमघाट में एक मादा हाथी की रहस्यमयी मौत ने वन विभाग और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हाल ही में शहडोल में हाथियों की चहलकदमी और जनहानि की घटनाओं के बाद वन विभाग पूरे इलाके में अलर्ट मोड में है। ऐसे में जबलपुर में मादा हाथी की मौत ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है।
गौरतलब है की हाल के दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में जंगली हाथियों के दलों के भटकने की घटनाएं सामने आई हैं। शहडोल की घटना के बाद वन विभाग चौकन्ना हो गया है और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है।
इसी कड़ी में कोसमघाट में एक 58 वर्षीय मादा हाथी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मौत के कारण स्पष्ट नहीं होने के चलते वन विभाग ने जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख वेटरनरी यूनिवर्सिटी से विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया।
फॉरेंसिक जांच शुरू….
पांच सदस्यीय चिकित्सकीय दल ने गत मंगलवार को पोस्टमार्टम किया गया था. जहां से फॉरेंसिक जांच के लिए हाथी के आंतरिक अंगों के सैंपल एकत्रित किए थे। ये सैंपल अब सागर फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, मौत के कारणों को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है. फिलहाल मौत की असली वजहों का पता फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। वन विभाग और प्रशासन किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहा — चाहे वह प्राकृतिक मौत हो, लापरवाही या फिर कोई साजिश।
टीकमगढ़ की महिला मालिक, नोटिस जारी……..
इस हाथी की मालिक एक महिला बताई जा रही है जो टीकमगढ़ की निवासी है। वन विभाग ने इस महिला को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। यह जांच का अहम पहलू हो सकता है कि हाथी को कोसमघाट तक कैसे और किस हालत में लाया गया था।
प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार…………
वन विकास निगम कुंडम परियोजना के संभागीय प्रबंधक राहुल मिश्रा ने बताया कि हाथी की उम्र करीब 58 वर्ष थी। पोस्टमार्टम के बाद, जबलपुर डिप्टी कलेक्टर प्रगति तन्वी और क्षेत्रीय प्रमुख महाप्रबंधक बृजेंद्र झा की मौजूदगी में गुरुवार को हाथी का अंतिम संस्कार किया गया।

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