
कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करने पर अवैध खनन पर हुई कार्यवाही
जनपद बालाघाट के ग्राम कटेगांव का मामला
बालाघाट। बगैर अनुमति के बोरवेल करने के मामले में चरेगांव पुलिस ने दो वाहनों को जब्त किया है। यह कार्यवाही कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करने पर अवैध खनन के खिलाफ की गई है। मामला जनपद पंचायत बालाघाट के अंतर्गत ग्राम कटेगांव का है। जब्त वाहनों को फिलहाल चरेगांव चौकी में खड़ा करवा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर मृणाल मीना द्वारा 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। इस अवधि में बिना वैध अनुमति के ट्यूबवेल खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन सोमवार को कटेगांव में बगैर अनुमति के बोरवेल का कार्य किया जा रहा है। चरेगांव पुलिस द्वारा बिना अनुमति के बोरवेल करने पर वाहन जब्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित की है।
एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि बालाघाट तहसील के ग्राम कटेगांव में भवनलाल पिता शिवप्रसाद सोनडाहरे और आदित्य पिता राधेश्याम सोनडाहरे के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज ख. न.192/3 रकबा 0.803 हेक्टेयर कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग भूमि पर बोरिंग मशीन द्वारा बोर कराया जा रहा था। सूचना मिलने पर ग्राम कोटवार के साथ पुलिस मौका स्थल पर पहुंचे। खनन से संबंधित दस्तावेज की मांग की गई। स्थल का मुआयना किया। जिसमें पाया गया कि संबंधित भूमि कृषि कृषि के लिए उपयोग होती है, जिसमें कोई आवास स्थल भी नहीं है। इसके अलावा जहां बोर कराया जा रहा था, इसकी अनुमति भी भूमिस्वामी के पास उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते खनन का कार्य करने वाली वाहन को जब्त करने की कार्यवाही की गई।
260 फीट गहराई तक किया था बोर
कार्यवाही के दौरान बोरिंग मशीन के कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि 260 फीट की गहराई तक भूमि में बोर किया गया है। यह कार्य भूमिस्वामी के कहने पर किया गया है। वहीं पुलिस टीम द्वारा कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी के आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्यवाही की गई। मौके पर पायी गई बोरिंग मशीन क्रमांक केए 01 एमएफ 5988 और एक सपोर्ट बोरवेल वाहन क्रमांक केए 01 एए 2089 को जब्त कर स्थल पंचनामा बनाया। जब्तीनामा तैयार किया गया। वहीं वाहनों को सुरक्षार्थ चरेगांव पुलिस चौकी में खड़ा करवा दिया गया है।
