
विक्रय पत्रों के मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क की वसूली में अनियमितता कर शासन राजस्व हानि कारित की गई
भोपाल/भिण्ड। रविन्द्र कुशवाह निवासी लहार एवं बांकेबिहारी निवासी ग्राम – बरुअनपुरा जिला भिण्ड द्वारा मनोज सिहारे उप पंजीयक लहार के विरुद्ध फर्जी रजिस्ट्रियां कर भ्रष्टाचार कर शासन को राजस्व हानि कारित करने की शिकायत ईओडब्ल्यू में की गई थी।
जांच में पाया गया कि तत्कालीन उप पंजीयक मनोज सिंहारे द्वारा अपनी लहार पदस्थापना के दौरान संपादित विक्रय पत्रों में से शिकायत में उल्लेखित 07 विक्रय पत्रों के मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क में जानबूझकर कम वसूली कर शासन को कुल 8,45,309 /- रु. की राजस्व हानि कारित की गई है, साथ ही उप पंजीयक के द्वारा तहसील लहार को नगर पालिका परिषद लहार घोषित होने की जानकारी होने के बावजूद भी तत्समय उपरोक्त दस्तावेजों पर प्रचलित प्रावधान लागू न करने एवं मूल दस्तावेजों को कलेक्टर ऑफ स्टाम्प को न भेजकर तथा कुछ आवासीय एवं व्यावसायिक भूखण्डों को कृषि भूमि दर्शाकर पंजीयन सम्पादित किया गया। उक्त रजिस्ट्रियों के संबंध में पंजीयन विभाग जिला पंजीयक भिण्ड के द्वारा भी उप पंजीयक मनोज सिहारे के विरूद्ध पंजीयन शुल्क चोरी के आरोपों को प्रमाणित पाया गया है। म.प्र. शासन को हुई आर्थिक हानि एवं कार्यों में हुई घोर अनियमितता पर उप पंजीयक लहार मनोज सिहारे एवं केतागण मदन मोहन शर्मा, श्रीमती उषा विश्वकर्मा, किरन वर्मा, मंगला वर्मा, मनोज गुप्ता, नीरज गुप्ता, फराह अली, अनीता परिहार व सेवा प्रदाता रोहित सक्सैना, सीमा कुशवाह एवं अमर सिंह नरवरिया के विरुद्ध आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये जाने से उक्त आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 95/2025 धारा 420, 409, 120बी, भादवि एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 13 (1) सहपठित धारा 13 (2) का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
