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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने बर्खास्त सिविल जज कौस्तुभ खेड़ा की बर्खास्तगी के आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट ने उनकी याचिका निरस्त करते हुए कहा, कदाचार के लिए दंडात्मक कार्रवाई करना एक बात है। परवीक्षा अवधि के दौरान संतुष्टि प्राप्त करना अलग बात है। दोनों को एक साथ मिलाया नहीं जा सकता है।
खेड़ा 2019 में सिविल जज के रूप में नियुक्त हुए थे। वह अलीराजपुर के जोबट में पदस्थ थे। उनके खिलाफ उनकी ही अदालत के मातहत, वकील और पुलिस कर्मियों द्वारा लगातार उनके व्यवहार को लेकर शिकायतें की जा रही थी। 8 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति की अनुशंसा पर 20 अगस्त को फुल कोर्ट ने उन्हें बर्खास्त करने की अनुशंसा की थी। 5 सितंबर 2024 को उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया गया था। इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। खंडपीठ ने उनकी बर्खास्तगी को उचित माना है।

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